पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे को बताया विकास की नई लाइफलाइन
युवा तुर्क, लखनऊ/हरदोई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केवल एक्सप्रेसवे ही नहीं बन रहे, बल्कि इनसे भी तेज गति से प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। उन्होंने इसे “नए उत्तर प्रदेश” की पहचान बताते हुए कहा कि एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी और रोजगार के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा। प्रधानमंत्री ने कहा, गंगा एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक परिवर्तन का आधार है, जहां प्रदेश का विकास एक्सप्रेसवे की रफ्तार से भी तेज गति से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स, हरदोई का हैंडलूम, उन्नाव का लेदर और प्रतापगढ़ का आंवला जैसे उत्पादों को नई बाजार पहुंच मिलेगी। यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों में उद्योगों को आकर्षित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
राज्य में 21 एयरपोर्ट विकसित हो रहे हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। भारत में जितने मोबाइल फोन बनाए जा रहे हैं, उनमें से आधे से अधिक केवल उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने पुरानी सियासत को बदल दिया है। हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की पावन धरती है।
हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण का उदाहरण है गंगा एक्सप्रेसवे:
मेरठ से प्रयागराज तक फैला गंगा एक्सप्रेसवे 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के साथ उत्तर प्रदेश को ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ के रूप में स्थापित कर रहा है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाला यह प्रोजेक्ट यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाते हुए विकास की नई इबारत लिख रहा है।
21 स्थानों पर एक्सचेंज की सुविधा:
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। 6 लेन के इस एक्सप्रेसवे पर 14 दीर्घ सेतु, 165 लघु सेतु, 7 आरओबी, 32 फ्लाईओवर, 453 अंडरपास और 795 बॉक्स कलवर्ट बनाए गए हैं। प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 21 स्थानों पर इंटरचेंज विकसित किए गए हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह निर्बाध रहेगा।
भविष्य के अनुसार विकसित किया गया:
प्रोजेक्ट की एक खासियत यह भी है कि इसे भविष्य की जरूरतों के मुताबिक डिजाइन किया गया है। आने वाले सालों में ट्रैफिक लोड बढ़ने की स्थिति में इसे आसानी से 6 से 8 लेन में परिवर्तित किया जा सकेगा।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे पर हर एक किलोमीटर पर सोलर ऊर्जा से संचालित हाईटेक स्मार्ट कैमरे लगाए गए हैं। 9 आधुनिक जन-सुविधा परिसरों में फूड कोर्ट, फ्यूल स्टेशन और विश्राम की व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 737 किमी लंबी सर्विस रोड स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बनाती है।
इमरजेंसी एयरस्ट्रिप:
गंगा एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी एयरस्ट्रिप विकसित की गई है, जिसे भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेन की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए तैयार किया गया है।
इससे यह सामरिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है। इस सुविधा के साथ उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे पर एयरस्ट्रिप के मामले में देश में अग्रणी बन गया है।
12 जिलों को जोड़ता है एक्सप्रेसवे:
एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर अमरोहा संभल बदायूं शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों को जोड़ता है। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि इन जिलों के बीच व्यापार, उद्योग और संसाधनों का प्रवाह तेज होगा। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में अग्रणी बन रहा है। यह परियोजना राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल को मजबूत करती है।
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