राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई
युवा तुर्क, आजमगढ़
कर्तव्य निभाकर पुलिस लाइन लौट रहे एक युवा आरक्षी की सड़क हादसे में हुई मौत ने पूरे पुलिस महकमे को गमगीन कर दिया। महज साढ़े तीन वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए आरक्षी बलवंत सिंह यादव का सफर बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में थम गया। गुरुवार को पुलिस लाइन में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई।
जानकारी के अनुसार, आरक्षी बलवंत सिंह यादव कमिश्नर की सुरक्षा ड्यूटी पूरी कर देर रात पुलिस लाइन लौट रहे थे। इसी दौरान सिधारी थाना क्षेत्र के बेलईसा पुल के पास आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर एक अनुबंधित बस ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मूल रूप से चंदौली जिले के धीना थाना क्षेत्र के करजरा गांव निवासी बलवंत सिंह यादव का जन्म 7 मार्च 1997 को हुआ था। वह 17 दिसंबर 2022 को उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कमिश्नर, आजमगढ़ की सुरक्षा शाखा में थी। अपनी कार्यकुशलता और अनुशासन के कारण वह अधिकारियों के बीच एक समर्पित जवान के रूप में पहचाने जाते थे।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और परिजनों को घटना की जानकारी दी। गुरुवार को पुलिस लाइन परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी, क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दिवंगत आरक्षी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि के दौरान पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को अंतिम सलामी दी। पूरे समारोह का माहौल भावुक रहा और अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित जवान की यह असमय विदाई पुलिस विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।


