अभ्यर्थियों ने सीएम योगी से लगाई न्याय की गुहार
युवा तुर्क, लखनऊ
68500 शिक्षक भर्ती मामले में ओबीसी अभ्यर्थियों ने प्रदेश स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम चलाया। ओबीसी अभ्यर्थियों की दलील है कि 68500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग को आरक्षित वर्ग से अलग कर दिया गया था। जिस कारण ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को आरक्षित वर्ग में होने के बावजूद भी आरक्षित वर्गों को मिलने वाली भर्ती परीक्षा के उत्तीर्णांक में 5% की छूट नहीं मिली थी।

ओबीसी अभ्यर्थियों का कहना है कि इसी भर्ती में आरक्षित वर्ग के एससी एवं एसटी वर्ग को भर्ती परीक्षा के उत्तीर्णांक में 5% की छूट दी गई थी। इसकी शिकायत ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश से की थी। जिसका संज्ञान लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 68500 शिक्षक भर्ती के संबंध में ओबीसी अभ्यर्थियों के हक में 5 जनवरी 2022 को संस्तुति/रिपोर्ट जारी की थी।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के विरोध में 29 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव द्वारा ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5% की छूट देने के विरोध में माननीय राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को पत्र प्रेषित किया गया था।
जिसकी शिकायत ओबीसी अभ्यर्थियों द्वारा आयोग में पुनः की गई। जिसका संज्ञान लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 16 जून 2026 को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के आधार पर 7 जुलाई 2026 को मिली आधिकारिक संस्तुति को 09 जुलाई 2026 को सार्वजनिक रूप से जारी किया गया, जिसमें ओबीसी अभ्यर्थियों को उत्तीर्णांक में 5% की छूट देकर संशोधित परिणाम जारी करने एवं पास होने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति देने की बात कही गई है।

राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा जारी की गई संस्तुति /रिपोर्ट के आधार पर 13 जुलाई 2026 को 68500 शिक्षक भर्ती के ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों द्वारा प्रदेशव्यापी ज्ञापन कार्यक्रम रखा गया।
जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारी कार्यालयों पर ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने राज्य पिछड़ा वर्ग की आयोग उत्तर प्रदेश लखनऊ की रिपोर्ट/संस्तुति के आधार पर “68500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को भर्ती परीक्षा के उत्तीर्णांक में 5% की छूट देकर पूर्णांक 150 में 60 अंक अर्थात अर्थात 40% अंक अर्जित करने वाले, जिनके नंबर 60 से लेकर 66 के बीच में हैं।” उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के ओबीसी वर्ग के अभ्यार्थियों ने अपने-अपने जिले के जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री जी को संबोधित करते हुए ज्ञापन सौंपा।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी से राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग उत्तर प्रदेश लखनऊ की रिपोर्ट/संस्तुति का अनुपालन करवाते हुए ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग को आदेशित करने हेतु अनुरोध किया गया।
प्रदेश स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी उनके प्रकरण का संज्ञान लेकर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की संस्तुति के आधार पर ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को यथाशीघ्र नियुक्ति प्रदान करने हेतु बेसिक शिक्षा विभाग को आदेशित करने का काम करेंगे। उन्हें मुख्यमंत्री जी द्वारा जल्द न्याय दिए जाने की उम्मीद है। इस भर्ती में कुल 26243 पद खाली हैं, जिनमें से 9660 पद अकेले ओबीसी वर्ग में खाली हैं। इस प्रकरण में किसी भी प्रकार की अड़चन नहीं है। सोमवार को हुए प्रदेश स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम के सफल आयोजन नेतृत्वकर्ता आशुतोष वर्मा एवं अखिल कुमार यादव, तूफान सिंह, शिववीर सिंह, नवीन चौधरी, उत्कर्ष सिंह, अबरार सिद्दीकी, संजीव गुप्ता, अरुण यादव समेत पूरी 68500 शिक्षक भर्ती की ओबीसी टीम ने सोमवार के प्रदेश स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम के लिए भर्ती के सभी ओबीसी अभ्यर्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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