निजीकरण से हजारों नौकरियों पर संकट का भय
नदीम अहमद, मऊ
IDBI बैंक के निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया।
बलिपुरा मुहल्ले के आर्य समाज मंदिर के सामने बैंक में हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की निजीकरण नीति पर नाराजगी जताते हुए इसे बैंकिंग क्षेत्र और कर्मचारियों के भविष्य के लिए चिंताजनक बताया।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि बैंक के निजीकरण से न केवल कर्मचारियों की नौकरी और भविष्य की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है, बल्कि बैंकिंग सेवाओं और आम ग्राहकों के हितों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है। कर्मचारियों ने चिंता जताई कि निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने से हजारों नौकरियों पर संकट खड़ा हो सकता है।
कर्मचारियों ने एकजुट होकर निजीकरण के फैसले का विरोध किया और सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की भूमिका देश की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है, इसलिए उनके हितों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

दो दिवसीय हड़ताल के जरिए कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संदेश दिया।


