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खूनी मोड़: बाबा थानीदास मोड़ पर 80 से अधिक मौतों के बाद भी नहीं चेती व्यवस्था

खूनी मोड़

स्थानीय लोगों की मांग- अंडरपास नहीं, बल्कि फ्लाईओवर चाहिए

दिनेश कुमार चौधरी, अमिला/मऊ

पूर्वांचल के मऊ जनपद में एक ऐसा खूनी मोड़ है, जहां 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे पर स्थित बाबा थानीदास मोड़ (अमिला) पर सड़क पार करने के लिए बनाए गए कट स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अब तक इस कट पर 80 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से लोगों में नाराजगी है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों ने लिखित रूप से समस्या से अवगत कराया और फ्लाईओवर निर्माण की मांग उठाई। इसके बावजूद फ्लाईओवर की जगह अंडरपास बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

खूनी मोड़: बाबा थानीदास मोड़ पर सड़क दुर्घटनाओं में 80 से ज्यादा लोगों की मौत
खूनी मोड़: बाबा थानीदास मोड़ पर सड़क दुर्घटनाओं में 80 से ज्यादा लोगों की मौत

जानकारी के अनुसार, करीब 700 मीटर के अंतराल पर स्थित इस कट की जगह दो बॉक्स वाला अंडरपास बनाने की योजना है। इसके लिए जेम और सीपीपीपी पोर्टल पर लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। हालांकि, टेंडर की बिड खुलने की तारीख अब तक छह बार टल चुकी है। अब इसके लिए 18 नवंबर की नई तिथि निर्धारित की गई है।

इसी बीच बाबा थानीदास मोड़ पर फ्लाईओवर निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गेश सिंह ने एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की।

उन्होंने अंडरपास निर्माण से उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। उनका कहना था कि अंडरपास बनने के बाद भी यातायात की मौजूदा समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके अलावा सड़क पर नया ब्लाइंड स्पॉट बनने से दुर्घटनाएं कम होने के बजाय और बढ़ सकती हैं।

दुर्गेश सिंह ने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों और आमजन की परेशानियों से अवगत कराते हुए फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। इस पर क्षेत्रीय अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विचार करने की बात कही।

वहीं, सितंबर माह में एनएचएआई की टीम ने बाबा थानीदास मोड़ पर पहुंचकर एलिवेटेड फ्लाईओवर की संभावनाओं को लेकर दोबारा सर्वे किया था। इसके बाद क्षेत्रीय लोगों में एक बार फिर फ्लाईओवर निर्माण की उम्मीद जगी है।

बेल्थरा रोड
मां मतुरानी देवी फॉर्मेसी कॉलेज, बेल्थरा रोड, बलिया

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि वर्षों से दुर्घटनाओं का दंश झेल रहे क्षेत्रीय लोगों को आखिर कब सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी? क्या विभाग अंडरपास की योजना पर ही आगे बढ़ेगा या जनभावनाओं और सुरक्षा को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण पर निर्णय लेगा? फिलहाल क्षेत्रीय लोगों की निगाहें एनएचएआई और जनप्रतिनिधियों के अगले कदम पर टिकी हैं।

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Dr Anil Gangwar
डॉ अनिल गंगवार, गस्ट्रोलॉजिस्ट

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