एडीजी नवीन अरोरा ने अभिलेखों और कार्रवाई की समीक्षा; जनप्रतिनिधियों से मिलीं ज्यादातर शिकायतें अन्य विभागों से जुड़ीं
विवेक कुमार गुप्ता, आजमगढ़
पुलिस विजन-2030 के तहत कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर पुलिस के आला अधिकारी प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से कार्य कर रहे हैं। अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन नवीन अरोरा ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इसी के तहत दो दिवसीय निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।
सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडीजी ने बताया कि आजमगढ़ के दो दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के पहले दिन पुलिस लाइन का विधिवत निरीक्षण किया गया।
इस दौरान अभिलेखों के रखरखाव, चरित्र सत्यापन और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की गहनता से जांच की गई। जहां कमियां मिलीं, वहां सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि कई प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया अभी ऑनलाइन नहीं थी। संबंधित अधिकारियों को इन्हें तत्काल ऑनलाइन कराने को कहा गया है।
निरीक्षण के दौरान गुंडा एक्ट, जिला बदर जैसी पुलिस की प्रभावी कार्रवाइयों के अभिलेख भी देखे गए।
एडीजी ने कहा कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी देखना जरूरी है कि उसका आमजन पर क्या प्रभाव पड़ा और अपराध नियंत्रण में कितनी मदद मिली। यह भी परखा गया कि कहीं किसी के विरुद्ध कार्रवाई बदले की भावना से तो नहीं की गई। कार्रवाई से समाज को हुए लाभ का आकलन भी किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की। एडीजी के साथ वाराणसी जोन के कई नए आइपीएस अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्हें निरीक्षण की बारीकियों और सुधार के पहलुओं की जानकारी दी गई।
निरीक्षण के बाद एडीजी ने जिले के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधियों और आमजन से मिली अधिकांश शिकायतें पुलिस से संबंधित नहीं थीं।
इनमें ज्यादातर मामले नगर पालिका, बिजली विभाग और राजस्व विभाग से जुड़े थे। इन शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई करें।

एडीजी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान चार से पांच ऐसे मामले सामने आए, जिनमें निलंबन के 10 से 15 दिन के भीतर ही संबंधित पुलिसकर्मियों को बहाल कर दिया गया था। ऐसे मामलों में नियमों और प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।
इस अवसर पर डीआइजी आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह, एसपी डॉ. अनिल कुमार, एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी ट्रैफिक पंकज श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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