बेटे रंजीत ने दी मुखाग्नि
युवा तुर्क, बलिया
समाजवादी आंदोलन और पूर्वांचल की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे पूर्व मंत्री एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पैतृक गांव सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के गोसाईपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इकलौते पुत्र रंजीत चौधरी ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान पूरा गांव शोक में डूबा रहा और हजारों लोगों की मौजूदगी ने उनके जनाधार की तस्वीर सामने रख दी।

सुबह से ही गोसाईपुर की गलियां और सड़कें लोगों से भर गई थीं। बलिया के अलावा आसपास के जिलों और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और आम लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की कतार लगातार लगी रही।

अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय ध्वज अर्पित कर पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई।
राम गोविंद चौधरी के अंतिम दर्शन के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा। समर्थकों और कार्यकर्ताओं की आंखें नम थीं। इस दौरान ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, राम गोविंद का नाम रहेगा’ और ‘राम गोविंद चौधरी अमर रहें’ के नारों से गोसाईपुर गूंजता रहा। कई लोगों ने उन्हें समाजवादी आंदोलन का जमीनी नेता बताते हुए श्रद्धांजलि दी।
शीर्ष नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि:
पूर्व मंत्री के अंतिम दर्शन के लिए प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद, सांसद रमाशंकर राजभर, विधायक मु. रिजवी, एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू, बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल, संग्राम सिंह यादव, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह, अंबिका चौधरी, सपा महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर, सपा जिलाध्यक्ष सुनील मौर्य, कांग्रेस जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक, पूर्व विधायक भगवान पाठक, संजय यादव, शिवशंकर चौहान, नीरज सिंह गुड्डू, यशपाल सिंह, चंद्रशेखर सिंह, सुशील पांडेय कान्ह जी, पारस यादव, उदय प्रताप सिंह, कमलेश सिंह, श्याम बहादुर सिंह और पूर्व प्रमुख अनिल सिंह समेत बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों को सांत्वना देने के लिए भी लोगों का तांता लगा रहा। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि राम गोविंद चौधरी का निधन समाजवादी आंदोलन और जमीनी राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। उनके जाने से पैदा हुई कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा।


