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उत्तर प्रदेश

पायलट प्रोजेक्ट: किसानों ने ऐप पर बुक किया 542 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक

उत्तर प्रदेश में ऐप आधारित उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था का आगाज़

युवा तुर्क, लखनऊ

उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार द्वारा राज्य के किसानों को समृद्धि और आधुनिकता से जोड़ने के संकल्प के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च की गई ऐप आधारित उर्वरक आपूर्ति व्यवस्था के पहले ही दिन किसानों ने 542 मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक बुक किया.

उर्वरक
उर्वरक

डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देते हुए कृषि विभाग द्वारा शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट के पहले दिन के प्रदेश के दो चयनित जनपदों- सीतापुर और रामपुर के कुल 4,258 किसानों ने फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल ऐप पर सफलता पूर्वक उर्वरक की एडवांस बुकिंग कराई है। इस पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से पहले ही दिन कुल 542.73 मीट्रिक टन उर्वरक की बुकिंग की जा चुकी है, जो कुल 2,736.248 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को कवर करती है।
जनपद सीतापुर में ऐप आधारित व्यवस्था के जरिए पहले दिन 3,607 किसानों ने कुल 447.85 मीट्रिक टन उर्वरक बुक किया। इसमें यूरिया के लिए 2,833 बुकिंग (382.05 मीट्रिक टन), डीएपी के लिए 687 बुकिंग (60.15 मीट्रिक टन), एमओपी के लिए 51 बुकिंग (3.55 मीट्रिक टन), एनपीकेएस के लिए 17 बुकिंग (1.1 मीट्रिक टन) तथा एसएसपी के लिए 19 बुकिंग (1 मीट्रिक टन) शामिल हैं। यह पूरी बुकिंग सीतापुर के 2,202.533 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र को कवर करती है।
इसी प्रकार, जनपद रामपुर में 651 किसानों ने 533.715 हेक्टेयर भूमि के लिए कुल 94.88 मीट्रिक टन उर्वरक की एडवांस बुकिंग की। रामपुर में यूरिया के लिए 443 किसानों ने 72.18 मीट्रिक टन, डीएपी के लिए 177 किसानों ने 20.25 मीट्रिक टन, एमओपी के लिए 28 किसानों ने 2.25 मीट्रिक टन तथा एनपीकेएस के लिए 3 किसानों ने 0.2 मीट्रिक टन उर्वरक की बुकिंग सफलतापूर्वक पूरी की है।
इस नई डिजिटल व्यवस्था को सुचारू रूप से धरातल पर उतारने के लिए सरकार रिटेल काउंटर्स को भी तेजी से अपडेट कर रही है। दोनों जनपदों में सक्रिय कुल 3,758 उर्वरक खुदरा विक्रेताओं में से 296 रिटेलर्स के पीओएस (POS) उपकरणों को पहले ही दिन नवीनतम 3.77वी संस्करण में सफलतापूर्वक अपग्रेड कर दिया गया है। इसमें सीतापुर के 224 और रामपुर के 72 सक्रिय खुदरा विक्रेता शामिल हैं। शेष 3,462 उपकरणों के अपग्रेडेशन का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि शत-प्रतिशत खुदरा दुकानों पर किसानों को इस पारदर्शी तकनीक का निर्बाध लाभ मिल सके।

बेल्थरा रोड
सेंट जेवियर स्कूल, बेल्थरा रोड
डॉ अनिल गंगवार
डॉ अनिल गंगवार, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, लखनऊ

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