कप्तानगंज-पनियहवां रेलखंड पर स्थित है सिसवा बाजार स्टेशन
युवा तुर्क, वाराणसी
वाराणसी मंडल ने सुरक्षित और आधुनिक रेल संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कप्तानगंज–पनियहवां रेलखंड के सिसवा बाजार स्टेशन पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली की सफलतापूर्वक स्थापना और कमीशनिंग पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही स्टेशन को सार्वजनिक रेल यातायात के लिए खोल दिया गया।

मंडल रेल प्रशासन के अनुसार, सिसवा बाजार स्टेशन पर सेंट्रलाइज्ड आर्किटेक्चर वाली 64वीं रूट सेटिंग टाइप इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (WESTRACE MK-II) प्रणाली को 42 रूट्स के साथ चालू किया गया है।
यह कार्य पांच घंटे के डिस्कनेक्शन और उसके बाद डेढ़ घंटे के टेस्टिंग ब्लॉक में निर्धारित समय के भीतर पूरा किया गया।

सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की तकनीकी टीम ने समन्वित तरीके से कार्य करते हुए इंटरलॉकिंग प्रणाली की टेस्टिंग और कमीशनिंग पूरी की। आधुनिक प्रणाली के शुरू होने से ट्रेनों के परिचालन में सुरक्षा, सुगमता, विश्वसनीयता और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
RCC डक्ट से सुरक्षित होंगी सिग्नलिंग केबल
सिसवा बाजार स्टेशन की एक और खासियत यह है कि खड्डा रेलवे स्टेशन के बाद यह वाराणसी मंडल का दूसरा स्टेशन बन गया है, जहां सिग्नलिंग केबल बिछाने के लिए RCC डक्ट का उपयोग किया गया है। इससे केबलों को बेहतर सुरक्षा मिलेगी और सिग्नलिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मंडल रेल प्रशासन का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग आधुनिक रेल संचालन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से ट्रेनों के आवागमन से जुड़े रूटों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने इस उपलब्धि पर सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना मंडल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
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