अर्चना दत्ता द्वारा स्थापित मंच ने जिंदगी में नई शुरुआत करने वाली हस्तियों को सराहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा- महिलाओं की प्रगति से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव
युवा तुर्क, नई दिल्ली
मुंबई में गुरुवार को ‘सेकंड एक्ट अवॉर्ड्स 2026’ का आयोजन किया गया। इसमें देश भर के अग्रणी उद्यमियों, कलाकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने विजेताओं को ट्रॉफी प्रदान करते हुए कहा कि अपनी क्षमताओं को पहचानकर नई शुरुआत करने वाले लोग ही समाज को वास्तविक दिशा देते हैं। अर्चना दत्ता द्वारा शुरू किए गए इस मंच का मकसद उन लोगों को पहचान देना है, जिन्होंने पुरानी रूढ़ियों से हटकर अपने जीवन में एक नई और सार्थक शुरुआत की है।

समारोह में अलग- अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाली शख्सियतों को पुरस्कार दिए गए।
सुजाता बिस्वास: क्राफ्टिंग पॉसिबिलिटीज़ अवॉर्ड, रानी सुशांत दिवगीकर (रानी कोहिनूर): वॉइस ऑफ चेंज अवॉर्ड, राजश्री देशपांडे: पैशन टू पर्पस अवॉर्ड, ऐश्वर्या गोस्वामी: इमर्जिंग चेंजमेकर अवॉर्ड, गीतांजलि बब्बर: चॉइस एंड इंपैक्ट अवॉर्ड, अर्जुन वैद्य: सेकंड एक्ट चेंजमेकर-ट्रेडीशन रीइमैजिन्ड अवॉर्ड, नेंसी निसा बेसो: फीयरलेस नैरेटिव अवॉर्ड, जूही बब्बर सोनी: ओन्स योर वॉइस अवॉर्ड. अनुष्का पारवानी: सेकंड चांस अवॉर्ड, और रम्या रामनाथ: सेकंडएक्ट इनेबलर सम्मान दिया गया l
पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि सेकंड एक्ट सरीखे मंच लोगों को अपनी सीमाओं से बाहर निकलकर सोचने और क्षमताएं पहचानने का मौका देते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह बेहद जरूरी है। जब एक महिला अपने जीवन का रास्ता खुद चुनती है, तो उसका फायदा सिर्फ उसे ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को मिलता है।
सेकंड एक्ट की संस्थापक अर्चना दत्ता ने कहा, “हम सभी के भीतर काफी क्षमता होती है। सेकंडएक्ट का मकसद लोगों को वो हिम्मत देना है जिससे वे दूसरों की सोच पर चलने के बजाय अपने मनमुताबिक जिंदगी जी सकें। हमारा खास ध्यान महिलाओं को अपनी आवाज उठाने और सही फैसले लेने के लिए तैयार करना है।“
समारोह को कॉरपोरेट लीडर शिव शिवकुमार ने भी संबोधित किया, जबकि मीडिया विशेषज्ञ राज नायक के साथ एक चर्चा हुई। इसके अलावा साइबर मेंटलिस्ट पोशक दुआ और गायक-संगीतकार आशीष छाबड़ा की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में समां बांध दिया।
