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उत्तर प्रदेश

औद्योगिक गलियारा: जमीन अधिग्रहण के खिलाफ एकजुट हुए किसान

किसान आंदोलन

किसानों ने लिया संकल्प- नहीं देंगे उपजाऊ भूमि

युवा तुर्क, फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद के अमलैया आशामंद में प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आज ‘किसान आंदोलन’ के बैनर तले एक विशाल किसान सम्मेलन संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में औद्योगिक गलियारे के नाम पर प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का पुरजोर विरोध करते हुए इसे किसानों के साथ बड़ा धोखा करार दिया गया। हजारों की संख्या में एकत्रित किसानों ने एक स्वर में अपनी उपजाऊ भूमि को न सौंपने का संकल्प लिया।

किसान आंदोलन
औद्योगिक गलियारा: जमीन अधिग्रहण के खिलाफ एकजुट हुए किसान

आंदोलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि “वर्ष 1978 में संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार से हटाकर केवल कानूनी अधिकार बना दिया गया।

इसके बाद से 1894 के कानून का दुरुपयोग कर देश भर में लाखों एकड़ जमीन जबरन अधिग्रहित की गई और किसानों को उचित मुआवजा तक नहीं मिला।

वर्तमान सरकार को चाहिए कि वह संविधान में पुन: संशोधन कर संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार बनाए।

श्री अनमोल ने कहा कि, “किसानों के संघर्ष के बाद 2013 में नया भूमि अधिग्रहण कानून बना, लेकिन बाद में उसमें संशोधन करके किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया। यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय के माध्यम से नए कानून की धारा 24(2) के प्रावधानों को भी बदल दिया गया।

सरकार को संसद का विशेष सत्र बुलाकर या अध्यादेश लाकर नए कानून को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना चाहिए।”

उन्होंने 2015 के शासनादेश पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सीधे खरीद की आड़ में सरकार किसानों को पुनर्वास, पुनर्स्थापन और उपजाऊ जमीन की सुरक्षा के लाभ से वंचित कर रही है, जो कि सरासर अन्याय है। उन्होंने उपस्थित किसानों से शपथ पत्र के माध्यम से अपनी असहमति जिलाधिकारी को सौंपने का आह्वान किया।

प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार (एडवोकेट) ने कहा कि “औद्योगिक गलियारे के लिए यह अधिग्रहण प्रस्ताव पूरी तरह मनमाना है। सरकार उपजाऊ बहुफसली भूमि को उजाड़ने के बजाय पहले से अधिग्रहित बंजर भूमि का उपयोग करे। हम किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होने देंगे।”

उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासियों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अन्य राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में 300 यूनिट बिजली मुफ्त, महिलाओं को 3,000 रुपये प्रति माह सम्मान राशि और बेरोजगार युवाओं को 4,000 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देने की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि इन मांगों और जमीन के हक के लिए गांव-गांव ‘जन सत्याग्रह’ की अलख जगाई जाएगी।

आंदोलन की आगामी रणनीति स्पष्ट करते हुए नेताओं ने बताया कि 27 जून को ढाई घर स्थित गंगा तट पर किसान माँ गंगा का आशीर्वाद लेकर पूर्णतः अहिंसक सत्याग्रह की शुरुआत करेंगे।

सम्मेलन में जिला प्रचार मंत्री देवेश चतुर्वेदी, आकाश कटियार ( अध्यक्ष ग्राम सुधार समिति ), राजीव यादव, राजवीर कठेरिया , मोनू कटियार, अरविंद राजपूत, प्रमोद गंगवार, मृदुल गंगवार, अभिनंदन गंगवार, प्रभाकर पाण्डेय, आर्येष पटेल, हर्ष गंगवार, वीरेंद्र आर्य , दीपू राठौर , राजाराम शर्मा , गुड्डू शाक्य , राजीव शाक्य , नीरज पाल , रविन्द्र पाल, साहबेज अली समेत क्षेत्र के समस्त प्रधान और हजारों किसान मौजूद रहे।

पढ़ते रहिए युवा तुर्क: नवंबर- दिसंबर में हो सकते हैं उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में चुनाव

डॉ अनिल गंगवार
डॉ अनिल गंगवार, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, लखनऊ
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सेंट जेवियर स्कूल, बेल्थरा रोड

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