बलिया में अब ‘मॉडिफाइड’ वाहन पर होगी सख्ती
युवा तुर्क, बलिया
सड़कों पर रफ्तार के साथ बढ़ते शोर और स्टाइल के नाम पर हो रहे अवैध बदलावों पर अब सख्ती तय है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के गृह क्षेत्र बलिया में भी इसका असर दिखेगा। परिवहन विभाग ने जनपद बलिया में वाहनों के अवैध मॉडिफिकेशन के खिलाफ व्यापक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इस पहल का मकसद सिर्फ नियम लागू करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना भी है।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय की अध्यक्षता में डीलरों, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के साथ अहम बैठक हुई। बैठक में साफ कर दिया गया कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर जैसे उपकरण न केवल गैरकानूनी हैं, बल्कि आम जनता के लिए परेशानी का कारण भी बनते हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि अब केवल वाहन मालिक ही नहीं, बल्कि ऐसे बदलाव करने वाले गैराज और वर्कशॉप संचालक भी सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे। मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत गैराज संचालकों पर प्रति मामले एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं वाहन मालिकों के लिए जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।
विशेष बात यह है कि अब चालान के बाद भी राहत नहीं मिलेगी। जिन वाहनों में अवैध साइलेंसर या अन्य उपकरण पाए जाएंगे, उनके पंजीयन प्रमाण पत्र (आरसी) को निलंबित करने की प्रक्रिया भी तेजी से लागू की जाएगी। साथ ही प्रदूषण मानकों का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निलंबन तक की कार्रवाई तय है।
परिवहन विभाग ने इसे ‘सुरक्षित और शांत सड़क’ अभियान का हिस्सा बताते हुए आम लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन केवल डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी समझकर करना होगा, तभी सड़कों पर सुरक्षा और सुकून दोनों कायम रहेंगे।
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