खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के 357 कनिष्ठ विश्लेषकों, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र
इस साल डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियां होंगी
केके वर्मा, लखनऊ
“उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरी दी गई है। यह सर्वाधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को सकुशल एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न करने का रिकॉर्ड है। सिर्फ अधीनस्थ चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियों की प्रक्रिया संपन्न करेगा। शिक्षा चयन आयोग हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लगभग 15 हजार भर्तियां करनी है। इस प्रकार चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है। भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए सख्त कानून भी बनाया है, जिसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास की सजा और उसकी पूरी संपत्ति को जब्त किया जाता है।”

ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ Yogi Adityanath ने रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए नवचयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों औषधि तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के नवचयनित 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में कहीं।
पहले मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्त पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ‘बीमारू राज्य’ के रूप में पहचान बनाने में चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार की भूमिका थी। भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं इतनी अधिक थीं कि न्यायालय को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ता था। 2017 से पहले लगभग हर नियुक्ति प्रक्रिया पर कहीं न कहीं कोर्ट स्टे लगते थे, न्यायालय से कड़ी टिप्पणियां मिलती थीं।
इस साल चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में डेढ़ लाख से अधिक सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया संपन्न होनी है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान समय में कई युवा उस दौर से अनभिज्ञ हैं, क्योंकि वे तब नाबालिग थे। 2017 के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया गया है।
अब तक पुलिस विभाग में 2,20,000 से अधिक भर्तियां सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं।
गत 9 वर्षों में हम लोगों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड 9 लाख से अधिक युवाओं की भर्तियां कीं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 4 और 6 मई को नियुक्त पत्र वितरिण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पांच प्रयोगशालाएं थीं, आज आधुनिक उपकरणों के साथ 18 प्रयोगशालाएं हैं। पहले 5 प्रयोगशालाओं में 12,000 नमूने प्रतिवर्ष लिए जाते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 55,000 हो गयी है।
आज 357 कनिष्ठ विश्लेषकों औषधि की भर्ती प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिसके साथ ही इनकी संख्या 44 से बढ़कर 401 हो गयी है। वर्तमान में कनिष्ठ विश्लेषकों खाद्य की संख्या अभी केवल 58 है। हमने 417 पदों के लिए अधियाचन भेजा है, जो उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में विचाराधीन है। जल्द ही भर्ती प्रक्रिया संपन्न होगी।
वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूने प्रतिवर्ष लिये जाते हैं। पिछले दिनों फार्मा सेक्टर में 17 निवेशकों को पत्र जारी किए हैं, जो राज्य के अंदर ही प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग करेंगे।
इस अवसर पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, आयुष मंत्री एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री दया शंकर मिश्रा दयालु, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अमित घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सचिव एवं आयुक्त रोशन जैकब आदि उपस्थित थे।
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेसवे का किया लोकार्पण
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: आलू किसानों का दर्द राज्यपाल से बयां करने का दिखा असर
