लखनऊ से बलिया तक जगह-जगह लोगों ने दी श्रद्धांजलि
युवा तुर्क, बलिया
पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार की शाम बलिया शहर के जगदीशपुर स्थित आवास पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपने नेता के अंतिम दर्शन के दौरान कई लोगों की आंखें नम थीं। एम्बुलेंस से पार्थिव शरीर उतारकर कुछ देर आवास पर रखा गया, जहां लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव गोसाईंपुर के लिए रवाना किया गया।

रामगोविन्द चौधरी का पार्थिव शरीर शनिवार दोपहर करीब 12 बजे लखनऊ स्थित आवास से बलिया के लिए रवाना हुआ। फूलों से सजी एम्बुलेंस में उनकी तस्वीर के साथ बड़े-बड़े बैनर लगाए गए थे। एम्बुलेंस के पीछे सैकड़ों वाहनों का लंबा काफिला चल रहा था। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होते हुए काफिला शाम करीब पांच बजे फेफना पहुंचा।

बलिया की सीमा में प्रवेश के साथ ही जगह-जगह सड़क किनारे और चौराहों पर लोग अपने प्रिय नेता की अंतिम झलक पाने के लिए खड़े दिखाई दिए। पार्थिव शरीर बंद वाहन में होने के कारण लोगों को अंतिम दर्शन नहीं हो सके, लेकिन एम्बुलेंस को देखते ही लोगों ने हाथ जोड़कर नमन किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। सागरपाली और माल्देपुर समेत कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने काफिला रोककर पुष्प अर्पित किए।
जगदीशपुर आवास पर पार्थिव शरीर पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। आवास पर कुछ देर पार्थिव शरीर रखे जाने के दौरान लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
इसके बाद अंतिम यात्रा पैतृक गांव गोसाईंपुर के लिए रवाना हुई। रास्ते में भी कई स्थानों पर लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए मौजूद रहे।
रविवार को होगा अंतिम संस्कार
रामगोविन्द चौधरी का अंतिम संस्कार रविवार 27 सितंबर को उनके पैतृक गांव गोसाईंपुर में किया जाएगा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय लोगों के पहुंचने की संभावना है।
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