एमएलसी रमा निरंजन ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मुलाकात
युवा तुर्क, झांसी
बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत, महापुरुषों के सम्मान और क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर झांसी-जालौन-ललितपुर की विधान परिषद सदस्य रमा आरपी निरंजन ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की है।
झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुई इस शिष्टाचार भेंट के दौरान एमएलसी रमा आरपी निरंजन ने अपने सुपुत्र अमित प्रकाश निरंजन एवं पुत्रवधू प्रज्ञा निरंजन के साथ राज्यपाल के समक्ष बुंदेलखंड से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और जनहित के विषय रखे।

सबसे पहले झांसी राजकीय संग्रहालय में अखंड भारत के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी से जुड़े स्मृति चिह्नों एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों के उचित संरक्षण की आवश्यकता को लेकर आग्रह किया गया।
इसके साथ ही जनपद जालौन के उरई स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण सरदार वल्लभभाई पटेल जी के नाम पर किए जाने का प्रस्ताव भी महामहिम राज्यपाल के समक्ष रखा गया।
वहीं, झांसी के समथर नगर में पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई होलकर जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने और गुरसरांय नगर में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की प्रतिमा स्थापित करने का भी आग्रह किया गया।
इन प्रस्तावों पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का रुख बेहद सकारात्मक रहा। उन्होंने सभी विषयों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। प्रतिमा स्थापना से जुड़े प्रस्तावों को लेकर राज्यपाल ने मौके पर ही मंडलायुक्त और जिलाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
राज्यपाल के इस सकारात्मक हस्तक्षेप को बुंदेलखंड की ऐतिहासिक विरासत और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस मुलाकात में सिर्फ शिष्टाचार नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान, इतिहास, विरासत और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की आवाज राजभवन तक पहुंची। अब देखना होगा कि राज्यपाल के निर्देश के बाद इन प्रस्तावों पर प्रशासनिक स्तर पर कितनी तेजी से अमल होता है।
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