आजमगढ़ के निजामाबाद से पांच बार विधायक चुने गए
युवा तुर्क, आजमगढ़
ईमानदारी व सादगी की मिसाल समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं आजमगढ़ के निजामाबाद से पांच बार के विधायक आलमबदी Alambadi अब हम सबके बीच नहीं रहे। 92 वर्षीय आलमबदी ने पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। वह जनसेवा और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जाने जाते थे।

उनके निधन की खबर फैलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके आवास पर पहुंच गए और अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

आलमबदी जी का जन्म सगड़ी तहसील के ग्राम बिंदवल में हुआ था। आलमबदी ने इस्लामिया कॉलेज, गोरखपुर से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की और टेक्निकल इंस्टीट्यूट, गोरखपुर से इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया।
क्षेत्र के विकास और सादगीपर्ण जीवनशैली के लिए वह लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। वह पांच बार से विधायक निर्वाचित हो रहे थे।
आलमबदी का राजनीतिक सफर बेहद लंबा और प्रभावशाली रहा.
उनके निधन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव Akhilesh Yadav ने शोक व्यक्त करते हुए कहा –
“सपा के वरिष्ठ नेता एवं आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा से लोकप्रिय विधायक जनाब आलमबदी साहब का इंतकाल, अत्यंत दुखद।“
आजमगढ़ सदर से समाजवादी पार्टी के विधायक दुर्गा प्रसाद यादव DurgaPrasad Yadav कहा कि आलमबदी जी एक महान और आदर्श पुरुष थे, जो हमेशा जनता और समाज से गहराई से जुड़े रहे. वे हमेशा बेबाकी से जनता की आवाज़ उठाते थे और अपने उसूलों व सिद्धांतों पर अटल रहकर कार्य करते थे।
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