सीएम ने किया आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ
युवा तुर्क, लखनऊ
चुनावी साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आउटसोर्स कर्मियों को बड़ा उपहार दिया। सीएम योगी ने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया एवं यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया।
इस अवसर पर सीएम योगी ने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों के साथ ही उनके परिवार समेत समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया।
सीएम योगी ने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है। पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था।
कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी।
तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई 11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है।
व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं। जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। महीने की 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे।
सीएम ने आउटसोर्स सेवा निगम के साथ एसबीआई के एमओयू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मानदेय सीधे बैंक में जाएगा और घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख, बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख, बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक मिलेगा। दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8-10 लाख तक तथा किसी कर्मचारी की मृत्यु पर बैंक के माध्यम से निगम परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा।



