शादी से पहले तीन दिन में परिवार के तीन सदस्यों की मौत, प्रशासन अलर्ट
गरीब शिवचंद राजभर के परिवार पर टूटा दुःखों का पहाड़
युवा तुर्क, बलिया
बेल्थरा रोड। जिस घर में बेटी की शादी को लेकर जल्द ही मंगलगीत गूंजने थे, वहां तीन दिन के भीतर मातम छा गया। शनिवार को पत्नी की मौत हुई, मंगलवार को बुजुर्ग मां ने दम तोड़ दिया और उसी दिन मां का अंतिम संस्कार कर लौटे परिवार को बेटी की मौत की खबर मिल गई। पशुहारी गांव के शिवचंद राजभर के परिवार पर आई इस त्रासदी ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। एक के बाद एक तीन मौतों के बाद प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों की टीम गांव भेजी है।

पशुहारी निवासी शिवचंद राजभर कर्नाटक में रहकर लोहा वेल्डिंग का काम करते हैं। वह करीब एक माह पहले बेटे मनन के साथ गांव लौटे थे। इसी दौरान उनकी 23 वर्षीय बेटी प्रीति की शादी तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों को लेकर परिवार उत्साहित था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद शिवचंद बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे थे।
शनिवार को पत्नी ने छोड़ा साथ

परिजनों के मुताबिक शिवचंद की पत्नी आशा देवी (46) पहले से बीमार थीं। उन्हें दिमागी बीमारी और पाइल्स की शिकायत थी। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी और सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। स्थानीय स्तर पर उपचार चल रहा था, लेकिन शनिवार को उनकी मौत हो गई।
पत्नी की मौत के सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि मंगलवार को शिवचंद की 76 वर्षीय मां जोनिहा की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। परिजन गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार के लिए चले गए।

मां का अंतिम संस्कार कर लौटे तो बेटी भी नहीं रही
इधर, प्रीति की हालत भी गंभीर बनी हुई थी। परिजनों के अनुसार उसे सर्दी-जुकाम और कमर दर्द के साथ खून की कमी थी। प्लेटलेट्स भी काफी कम हो गए थे। हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने इलाज के दौरान कई यूनिट रक्त भी उपलब्ध कराया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।

मंगलवार को जोनिहा का अंतिम संस्कार करने के बाद परिवार के लोग घर लौटे ही थे कि वाराणसी से प्रीति की मौत की सूचना मिली। कुछ घंटे के अंतराल में मां और बेटी को खोने की खबर ने परिवार में कोहराम मचा दिया।
तीन मौतों के बाद प्रशासन ने कराई जांच
एक ही परिवार में महज तीन दिनों के भीतर तीन मौतों की सूचना मिलने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। एसडीएम शरद चौधरी के निर्देश पर चिकित्सकों की टीम शिवचंद के घर पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में आशा देवी जिनका पाइल्स का आपरेशन हुआ था तथा प्रीति की मौत खून की कमी के चलते होना सामने आया है, जबकि जोनिहा की मौत सांस लेने में तकलीफ के कारण हुई। उन्होंने बताया कि परिवार में डेंगू अथवा किसी अन्य संक्रमण की संभावना को लेकर भी जांच की गई , परन्तु जांच निगेटिव रही।
जिस घर में शहनाई बजनी थी, वहां पसरा सन्नाटा
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले तक शिवचंद का परिवार बेटी की शादी की तैयारियों को लेकर उत्साहित था। शिवचंद बाहर रहकर मेहनत करते थे और बेटे को भी दोपहिया वाहनों की मरम्मत का काम सिखाने की कोशिश कर रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति भले ही कमजोर थी, लेकिन बच्चों के बेहतर भविष्य की उम्मीदें थीं।
तीन दिन के भीतर पत्नी, मां और बेटी की मौत ने इन उम्मीदों को जैसे एक झटके में तोड़ दिया। जिस घर में बेटी की शादी की शहनाई बजने वाली थी, वहां अब तीन मौतों के बाद सन्नाटा पसरा है। घटना के बाद ग्रामीण लगातार परिवार के घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।

