तीन वचनों का पालन करेंगी दिव्या मित्तल
युवा तुर्क, लखनऊ
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल सपा में शामिल होंगी या कांग्रेस में या फिर भाजपा में? इन सारे सवालों पर उन्होंने गुरुवार को विराम लगा दिया। दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी के साथ चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा की है।
दिव्या मित्तल ने कहा कि समस्या राजनीति की कमी नहीं, बल्कि लोगों की सुनवाई नहीं होने की है। उन्होंने जनता की भागीदारी, जरूरत के आधार पर फैसले और जवाबदेही को अपनी राजनीतिक सोच का आधार बताया।
दिव्या मित्तल ने कहा कि पिछली बार राजनीति में आने की बात कहने के बाद उन्होंने लोगों से संपर्क के लिए एक नंबर साझा किया था। इस पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सएप ने नंबर को रोक दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इतने बड़े पैमाने पर लोगों की प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद नहीं थी। इसकी समुचित व्यवस्था नहीं कर पाने के कारण लोगों को हुई असुविधा के लिए उन्होंने माफी भी मांगी।
लोगों की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा महसूस हुआ, जैसे वह सूरज के सामने दिया लेकर खड़ी हों, जबकि उन्हें सिर्फ खिड़की खोलनी थी। उनके इस कथन के जरिए जनता की भागीदारी और समर्थन को लेकर अपने अनुभव को साझा किया।
तीन प्रमुख वचन:
दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ के तीन प्रमुख वचन बताए।
1-देश की नीतियों के केंद्र में जनता होगी और नीतियां लोगों की भागीदारी से तय की जाएंगी।
2- फैसले किसी की पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि जरूरत के अनुसार लिए जाएंगे।
3- हर काम के लिए जनता के प्रति जवाबदेही तय होगी और उसके आधार पर सुधार किया जाएगा।



