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उत्तर प्रदेश

सात फेरों की वो आखिरी डोर: पहले सुहागिन गई पत्नी, फिर पीछे-पीछे चल पड़ा पति

बेल्थरा रोड हादसा

अवांया गांव के पास हुए हादसे में दंपत्ति की मौत

युवा तुर्क, बेल्थरा रोड/बलिया

शादी के मंडप में अग्नि के सामने लिए गए सात फेरे और साथ जीने-मरने के वचन आमतौर पर रस्म भर लगते हैं, लेकिन अवायां गांव के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इन वचनों को एक ऐसी सच्चाई में बदल दिया, जिसने पूरे इलाके को रुला दिया।

Accident
रोड एक्सीडेंट में दंपत्ति की मौत, बेल्थरा रोड

बेल्थरा रोड के वार्ड नंबर 6 निवासी धन्नजय चौधरी और उनकी पत्नी नीतू चौधरी ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उनका साथ इस तरह खत्म होगा।

एक ही हादसे में घायल होने के बाद नीतू ने अपने पति के जीवित रहते अंतिम सांस ली। सुहागिन रहते इस दुनिया से विदा होने वाली नीतू ने जैसे अपने जीवन का हर दर्द पति से पहले खुद सह लिया।

बेल्थरा रोड
बेल्थरा रोड हादसा: दंपत्ति की मौत से गमगीन हुआ कस्बा

नगरा सरकारी अस्पताल में एएनएम के पद पर तैनात नीतू को जब सीएचसी सीयर लाया गया तो डॉक्टरों ने काफी कोशिशें कीं। सीपीआर दिया गया, इलाज चलता रहा, लेकिन जिंदगी हाथ से फिसल गई। उस समय धन्नजय जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए मऊ भेजा गया, मगर शायद पत्नी से बिछड़ना उन्हें मंजूर नहीं था। कुछ घंटों बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

बेल्थरा रोड हादसा
बेल्थरा रोड हादसा: दंपत्ति की मौत से गमगीन हुआ कस्बा

कहते हैं कुछ रिश्ते सांसों से नहीं, आत्मा से जुड़े होते हैं। यही वजह रही कि मौत भी इस दंपति को ज्यादा देर तक अलग नहीं रख सकी।

गुरुवार शाम जब पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव घर पहुंचे तो मोहल्ले का माहौल फफक पड़ा। घर के आंगन में एक साथ रखे पति-पत्नी के शव देखकर हर आंख भर आई। परिजनों का चीत्कार सुन वहां मौजूद लोग भी खुद को रोक नहीं सके।

लेकिन सबसे बड़ा दर्द उस मासूम बच्ची की खामोशी में छिपा था, जो घर में मौजूद भीड़ और रोते लोगों के बीच बिल्कुल अनजान घूम रही थी। महज तीन साल की उम्र में उसके सिर से मां-बाप दोनों का साया उठ चुका था, मगर उसे अभी यह समझ नहीं थी कि अब उसकी दुनिया हमेशा के लिए बदल गई है।

देर रात सरयू नदी के तुर्तीपार घाट पर जब पति-पत्नी की अर्थियां एक साथ पहुंचीं तो माहौल और भी भावुक हो उठा। एक ही चिता स्थल पर दोनों को अंतिम विदाई दी गई। वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं और हर कोई बस यही कह रहा था कि “सात फेरों में लिया गया साथ निभाने का वादा, इस दंपति ने सचमुच आखिरी सांस तक निभा दिया।

पढ़ते रहिए युवा तुर्क: बेल्थरा रोड हादसा- दंपत्ति की मौत, आधा दर्जन से ज्यादा घायल

 

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