33 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य
युवा तुर्क, फर्रुखाबाद
जनपद में किसानों से सरकारी मक्का खरीद को लेकर आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लि. के निदेशक अशोक कटियार ने शासन के समक्ष खरीद लक्ष्य बढ़ाने और खरीद व्यवस्था तत्काल प्रभावी करने की मांग उठाई है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी, फर्रुखाबाद की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि विपणन वर्ष 2025-26 में मक्का (रबी फसल) की सरकारी खरीद 15 जून 2026 से 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित थी।
पत्र के अनुसार फर्रुखाबाद के लिए शासन स्तर पर संशोधित खरीद लक्ष्य 3,000 मीट्रिक टन रखा गया था, जबकि इसके सापेक्ष 2,513.15 मीट्रिक टन मक्का 695 किसानों से खरीदा गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 83.77 प्रतिशत है।
दूसरी ओर, अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में फर्रुखाबाद का सरकारी मक्का खरीद लक्ष्य 33 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख मीट्रिक टन किए जाने की मांग की है।

उनका कहना है कि फर्रुखाबाद प्रदेश के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों में शामिल है और किसानों ने बड़े क्षेत्रफल में मक्का की खेती की है। ऐसे में मौजूदा सरकारी खरीद लक्ष्य वास्तविक उत्पादन की तुलना में बहुत कम है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकारी खरीद समय से शुरू नहीं होने के कारण किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर निजी व्यापारियों को बेचने को मजबूर हो रहे हैं। ज्ञापन के अनुसार निजी स्तर पर लगभग ₹1,800 से ₹1,950 प्रति क्विंटल की दरों पर खरीद की जा रही है, जबकि सरकार द्वारा मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,400 प्रति क्विंटल निर्धारित है।
अशोक कटियार की प्रमुख मांगें
फर्रुखाबाद में सरकारी मक्का खरीद तत्काल प्रभाव से शुरू की जाए।
खरीद लक्ष्य को 33 हजार मीट्रिक टन से बढ़ाकर कम से कम 5 लाख मीट्रिक टन किया जाए।
सभी खरीद केंद्रों को पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाए।
किसानों को भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जाए।
किसानों को एमएसपी से कम कीमत पर मक्का बेचने की मजबूरी से बचाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।
वहीं जिला खाद्य विपणन अधिकारी के पत्र में कहा गया है कि निर्धारित खरीद नीति के अनुसार जनपद में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर मक्का खरीद की गई है तथा किसानों का भुगतान पीएफएमएस व्यवस्था के माध्यम से किए जाने की बात कही गई है।
अशोक कटियार का कहना है कि यदि फर्रुखाबाद में वास्तविक उत्पादन के अनुरूप सरकारी खरीद लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया तो बड़ी संख्या में किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

