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हरियाणा की तर्ज पर लागू हो भावांतर भरपाई योजना, किसानों को मिले प्रोत्साहन राशि

आलू

आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति ने सीएम योगी को लिखा पत्र

युवा तुर्क लखनऊ

हरियाणा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी भावांतर भरपाई योजना लागू किया जाए। इस मांग आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड के सभापति एडवोकेट अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। उन्होंने इस बाबत मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है।

अशोक कटियार ने पत्र में लिखा है कि उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक आलू उत्पादक प्रदेश है। इस वर्ष महंगी लागत के बाद अच्छी उपज प्राप्त हुई है, लेकिन आलू की उचित मूल्य पर बिक्री नहीं हो पा रही है। इस कारण आलू किसान गहरे कर्ज में डूबते जा रहे हैं।

दुनिया में चीन 93 मिलियन मीट्रिक टन आलू के उत्पादन कर प्रथम स्थान पर है वहीं भारत में 60 मिलियन मीट्रिक टन का आलू उत्पादन होता है, दुनिया में दूसरे स्थान पर है। वहीं, उत्तर प्रदेश में कुल उत्पादन का 35% उत्पादित कर देश का  सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।

फर्रुखाबाद में उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक आलू उत्पादित होता है, लेकिन किसानों को उचित कीमत नहीं मिल पा रही है। देश से केवल एक प्रतिशत आलू निर्यात किया जाता है। वहीं केवल एक प्रतिशत आलू खाद्यान्न प्रसंस्करण में उपयोग होता है जो कि न्यूनतम है, इसे बढ़ाकर समस्या का काफी हद तक समाधान किया जा सकता है।

Farmer
अशोक कटियार, सभापति, आलू विकास एवं विप सहकारी संघ लि.

अशोक कटियार ने कहा है कि आलू किसानों की समस्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना संचालित की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को थोक बाजार में गिरती कीमतों से होने वाले वित्तीय नुकसान को बचाना है। हरियाणा में वर्तमान में इस योजना में 21 बागवानी फसलों को शामिल किया गया है, जिनमें पांच फल फसलें, चौदह सब्जी फैसलें और दो मसाला फसलें शामिल हैं।

इस योजना के तहत प्रत्येक फसल के लिए उत्पादन लागत के आधार पर एक सुरक्षित मूल्य तय किया जाता है। यदि किसान अपनी उपज को मंडियों में बेचते समय बाजार मूल्य इस सीमा से नीचे गिर जाता है तो उन्हें अंतर की भरपाई के रूप में प्रोत्साहन राशि दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को “मेरी फसल मेरा ब्योरा” पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीकरण करना होगा, जिसके बाद बागवानी विभाग सत्यापन करता है तथा किसान जब अपनी फसल मंडी में भेजते हैं तो उन्हें एक गेट पास और जो फॉर्म दिया जाता है जो बिक्री का प्रमाण होता है, जिसके आधार पर उन्हें भुगतान सीधे खाते में कर दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में भी आलू, टमाटर, मटर, आम, अमरूद आदि की फसलों में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों के हित में भाव अंतर भरपाई योजना उत्तर प्रदेश में भी शुरू किया जाना आवश्यक है।

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डॉ अनिल गंगवार
डॉ अनिल गंगवार, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, लखनऊ
रामरती अस्पताल
रामरती अस्पताल, बड़हलगंज,गोरखपुर
चरक
चरक पॉली क्लीनिक, बिंदौवा, मोहनलालगंज

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