IIT, IIM, फिर IAS और अब राजनीति
युवा तुर्क, लखनऊ
देश की प्रतिष्ठित IAS की नौकरी छोड़कर राजनीति के मैदान में उतरने वाली दिव्या मित्तल को देख कर मुझे राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर जी की रश्मिरथी याद आ रही है। जो तेज होता है, बहादुर होता है, उसे बहुत दिनों तक बंधनों में बाँधा नहीं जा सकता,,
बहरहाल दिव्या मित्तल ने यूपी में ही रहने और यहां पर राजनीति करने की घोषणा की है। मंगलवार की सुबह पहले से घोषित प्लान के तहत दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो के जरिए इसकी घोषणा कीं। हालांकि राजनीतिक पार्टी को लेकर उन्होंने स्थिति क्लीयर नहीं की है।
दिव्या मित्तल ने भाजपा वालों पर हमला करते हुए कहा कि किसी से डरूंगी नहीं। आईएएस से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर हुई चर्चा का भी उन्होंने जवाब दिया है।
प्रदेश के संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया में डीएम रहीं दिव्या मित्तल ने पिछले महीने आईएएस से इस्तीफा दिया था। उन्हें कुछ महीने पहले देवरिया के डीएम से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बना दिया गया था। उनके इस्तीफे के पीछे इसे ही एक बड़ी वजह बताई जा रही है। इस्तीफे के बाद से ही उनके राजनीति में ही जाने की चर्चा थी।
जारी वीडियो में दिव्या मित्तल ने कहा कि लोगों के मन में कई सवाल थे, लेकिन मैंने जवाब नहीं दिया। मेरे लिए काम बड़ा था और मैं हौसला जुटा रही थी। आज इन सवालों का जवाब देने आई हूं। आगे क्या करूंगी, किसके साथ करूंगी और कहां पर करूंगी, सभी सवालों का जवाब दूंगी।
दिव्या ने कहा कि सबसे पहले आगे क्या करूंगी? इसका जवाब है कि आगे राजनीति ही करूंगी। इसका कारण भी बताया। बोलीं, लोगों ने कहा कि सबकुछ तो बन गई हो, आगे क्या बनना है? कहा कि मुझे लोगों की आवाज बनना है। उन लोगों की आवाज बनना है जिनकी आवाज किसी दफ्तर तक नहीं पहुंच पाती है। अगर पहुंच भी जाए तो सुनी नहीं जाती है। उन लोगों की तरफ से मुझे अपने देश की आजादी के 80 सालों का हिसाब लेना है।
अपने वीडियो में दिव्या ने किसी दल या नेता का नाम तो नहीं लिया लेकिन भाजपा वालों पर हमलावर दिखाई दीं। भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी से मुलाकात के बाद दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिया है। कई अन्य भाजपा समर्थकों ने भी दिव्या पर निशाना साधा था और कहा था कि राजनीति में आएंगी तो पूराने भ्रष्टाचार के मामले खुलेंगे। इसका जवाब भी उन्होंने दिया है। कहा कि एक बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने लिखा कि मैं दूसरी बड़ी पार्टी (कांग्रेस) के बड़े नेता (राहुल गांधी) से मिली हूं। जबकि वह मुलाकात कभी नहीं हुई। ये बात लिखने वाले को भी पता थी।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सच लिखना नहीं था। उद्देश्य केवल मुझे डराना था। जो औरत सवाल पूछने निकली है, उसे पहले ही दिन डरा दो। यही तो यह लोग करते हैं। किसी को एफआईआर करके डरा दो, किसी को ट्रोल करके बैठा दो, ताकि आम आदमी और अच्छे लोग राजनीति में न आएं और इनकी ऐसे ही राजनीति चलती रहे। कहा कि मैं डरूंगी नहीं सवाल ही पूछूंगी। ताकि कोई छोटी बच्ची अपने मन का सवाल पूछ सके और उसे रात के अंधेरे का डर नहीं दिखाया जा सके।
IIT, IIM, फिर IAS और अब राजनीति:
IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से शिक्षा हासिल करने के बाद 2013 बैच की पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद IAS से इस्तीफा देकर अब राजनीति में आने का ऐलान किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बताते हुए किसी राजनीतिक दल से जुड़ने के बजाय जनता के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाने की बात कही है।
दिव्या मित्तल ने अपने प्रशासनिक अनुभवों का हवाला देते हुए स्कूल, भूमि, बुनियादी सुविधाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाया है। उनका कहना है कि अब वह पद के बजाय सीधे जनता के बीच रहकर काम करना चाहती हैं।


