विश्वकर्मा समाज की युवती की संदिग्ध मौत
युवा तुर्क, गाजीपुर/लखनऊ
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के करंडा के कटारिया गांव में पिछड़ी जाति की एक युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ा बवाल हो गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा सहित सपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। बताया जा रहा है कि सपा का प्रतिनिधिमंडल गांव के एक पीड़ित परिवार से मिलने जा रहा था, तभी कुछ अराजक तत्वों ने उन पर पथराव कर दिया, जिससे वह घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान अचानक भीड़ ने हमला कर दिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस हमले में कई लोग चोटिल हुए हैं। घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विश्वकर्मा समाज की युवती की संदिग्ध मृत्यु के बाद, विश्वकर्मा समाज के पूर्व मंत्री व सपा के डेलीगेशन पर हमले के बाद अब अत्याचार के ऊपर अत्याचार करते हुए पीड़ित पक्ष के लोगों को पुलिस उठाकर ले गयी है। जो पीड़ित घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती थे, उनको भी डिस्चार्ज कराकर अज्ञात जगह पर ले जाना घोर अन्याय है।
सपा प्रमुख ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपा के प्रश्रय प्राप्त लोगों को इतनी छूट दे दी गयी है कि पुलिस पर हमला करने के बावजूद भी प्रशासन द्वारा हमलावारों का ही पक्ष लिया जा रहा है। ये घोर अन्याय, घोर निंदनीय है।
सामान्य पुलिसावलों को आगे करके ईंटें-पत्थर खाने के लिए छोड़ दिया जा रहा है और उच्चाधिकारी सत्ता पक्ष की चाटुकारिता में व्यस्त हैं। अन्य घायलों की तरह, घायल पुलिसकर्मियों के भी अच्छे-से-अच्छे इलाज की हम पुरज़ोर माँग करते हैं। 2027 में वर्चस्ववादियों की अत्याचारी सत्ता को पीडीए की एकजुटता हमेशा के लिए समाप्त कर देगी। भाजपा का अंत निश्चित है। भाजपा का समय पूरा हुआ लेकिन इतिहास भाजपा को जगह देकर अपना इतिहास ख़राब नहीं करेगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “पीड़ितों के आंसू पोंछने जा रहे प्रतिनिधिमंडल पर हमला होना यह दर्शाता है कि प्रदेश में अराजक तत्वों का मनोबल बढ़ा हुआ है।”
रामगोविन्द चौधरी ने यह भी कहा कि यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि न्याय की आवाज उठाने वालों पर हमला है। उन्होंने इसे पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज (PDA) के स्वाभिमान पर चोट बताया।
वहीं, पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: भारत रत्न से सम्मानित हों जननायक चंद्रशेखर, पैतृक क्षेत्र बेल्थरा रोड में उठी मांग
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: ओमप्रकाश राजभर की कटु आलोचक सीमा राजभर को अखिलेश यादव ने दी बड़ी जिम्मेदारी


यह मशीन उद्योग जगत के लिए गेम चेंजर साबित होगी- विशाल खेमका, निदेशक, विशाल स्विएटेक
