शाम 6:30 से 6:40 बजे तक बंद रहीं दुर्गा पूजा पंडालों की लाइट और साउंड, मोमबत्तियां जलाकर दिवंगतों को दी श्रद्धांजलि
युवा तुर्क, बेल्थरारोड/बलिया
दुर्गा पूजा के उल्लास के बीच रविवार शाम बेल्थरारोड के पंडालों में शोक और संवेदना का माहौल नजर आया। कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में हुई हृदयविदारक घटना से व्यथित लोगों ने उत्सव की चकाचौंध रोककर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी। शाम 6:30 से 6:40 बजे तक नगर के दुर्गा पूजा पंडालों की लाइट और साउंड बंद रखे गए। इस दौरान मोमबत्तियां जलाकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष प्रशांत कुमार मंटू की अपील पर बेल्थरारोड की दुर्गा पूजा कमेटियों ने इस सामूहिक श्रद्धांजलि में सहभागिता की। निर्धारित समय पर पंडालों की रोशनी और ध्वनि बंद कर दी गई। श्रद्धालुओं और कमेटियों के सदस्यों ने कुछ देर मौन रहकर हादसे में जान गंवाने वालों को याद किया।

इस पहल के जरिए बेल्थरारोड के लोगों ने संदेश दिया कि धार्मिक उत्सव केवल उल्लास का अवसर नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में एक-दूसरे के साथ खड़े होने और मानवीय संवेदनाओं को साझा करने का भी माध्यम हैं।
कोलकाता की घटना ने लोगों को गहरे तक प्रभावित किया है। ऐसे में दिवंगतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ उनके परिजनों के दुख में सहभागी बनने की भावना इस आयोजन के केंद्र में रही।

प्रशांत कुमार मंटू ने कहा कि कोलकाता की घटना से पूरा देश मर्माहत है। इस कठिन समय में दिवंगत लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करना और उनके परिजनों के दुख में सहभागी बनना हम सभी का मानवीय दायित्व है। बेल्थरारोड के लोगों ने एकजुट होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
दस मिनट तक पंडालों में छाई खामोशी और मोमबत्तियों की रोशनी ने शोक की उस भावना को अभिव्यक्त किया, जिसमें उत्सव के बीच भी दूसरों के दर्द को अपना समझने का संदेश छिपा था।
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