भावुक हुए डीएम सत्यप्रकाश पटेल, तत्काल मासूमों को उपलब्ध करायी सरकारी सहायता
युवा तुर्क, हाथरस
“डीएम अंकल! पापा-मम्मी अब दुनिया में नहीं हैं, अब हम अनाथ हो गए हैं।“
यह मार्मिक व्यथा दो मासूम शिवम व दीप्ति ने हाथरस के डीएम सत्यप्रकाश पटेल को सुनाई तो डीएम भी भावुक हो गए और उन्होंने तुरंत इन अनाथ बच्चों की पढ़ाई से लेकर सरकारी आर्थिक सहायता जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का तत्काल निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर तुरंत अधिकांश प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
दरअसल, हाथरस जनपद के गांव ऐंहन निवासी दोनों मासूम बच्चे अपने नाना के साथ जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल से मिलने कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों ने रोते हुए आपबीती बताई कि एक साल पहले सड़क हादसे में उनके माता-पिता की मौत हो गई और उनके दादा-दादी भी इस दुनिया में नहीं हैं। बच्चों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को तुरंत बुलाया।
डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने प्रोबेशन अधिकारी को इन बच्चों का मुख्यमंत्री बाल विकास योजना के तहत आवेदन कराने के निर्देश दिए, ताकि इन्हें नियमित रूप से इसका लाभ मिल सके।
डीएम ने बताया कि बच्चों की मां बीडीसी सदस्य थीं। नियमानुसार किसी सदस्य की मृत्यु पर पंचायत कल्याण कोष से तीन लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है।
इन बच्चों का यह आवेदन भी एक वर्ष से लंबित था, जिसे अब प्राथमिकता से आगे बढ़ाकर निस्तारित करा दिया गया है। इसके अलावा लीड बैंक मैनेजर को बुलाकर बच्चों के माता-पिता के बैंक खाते से जुड़ी बीमा राशि दिलाने की प्रक्रिया के लिए भी आवेदन करा दिया गया है।
डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने बताया कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बच्चों को सरकार की सभी वाजिब योजनाओं का लाभ मिले और उनकी पढ़ाई-लिखाई की बेहतर व्यवस्था हो।
डीएम ने बताया कि बच्चों के माता-पिता की मृत्यु के बाद उनकी जमीन का एक व्यक्ति द्वारा फर्जी बैनामा कराने का मामला भी सामने आया है। लगभग 40 वर्ष पुराने चकबंदी से जुड़े इस मामले के दस्तावेजों की जांच एडीएम को दी गई है। इस मामले को शीघ्र ही निस्तारित कराकर बच्चों के वैध अधिकारों को सुरक्षित कराया जाएगा।
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