सीबीएसई ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ, चकिया में जुटे पूर्वी भारत के प्रतिभागी
युवा तुर्क, चकिया
चंदौली जनपद के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप-2026 का शुक्रवार को चकिया स्थित सिल्वर बेल्स स्कूल में भव्य शुभारंभ हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री (आयुष) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर चकिया विधायक कैलाश आचार्य व चेयरमैन गौरव श्रीवास्तव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्चपास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कहा कि “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है और स्वस्थ मस्तिष्क का सबसे सशक्त माध्यम योग है।”
उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का अभ्यास नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा को जोड़ने वाली भारतीय संस्कृति की महान साधना है। तन को मन से, मन को मस्तिष्क से और मस्तिष्क को आत्मा से जोड़ने की जो प्रक्रिया है, वही योग है।

उन्होंने कहा कि योग और आसन दोनों अलग-अलग विधाएं हैं। योग जीवन को संतुलित करने की प्रक्रिया है, जबकि आसन उसके अभ्यास का महत्वपूर्ण अंग है।
हमारे ऋषि-महर्षियों, योगियों और संतों ने हिमालय की कंदराओं और गुफाओं में वर्षों तक कठिन तप और साधना करते हुए स्वयं को निरोग रखने के लिए योग को अपनाया। यही कारण है कि आज पूरी दुनिया भारतीय योग परंपरा का सम्मान कर रही है।
आयुष मंत्री ने कहा कि योग को वैश्विक पहचान दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता देना केवल एक दिवस की स्वीकृति नहीं, बल्कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी गौरवशाली योग परंपरा का वैश्विक सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि “जब योग करेगा भारत, तब निरोग रहेगा भारत।”
उन्होंने कहा कि आज अधिकांश लोग अपनी जीवन भर की कमाई बीमारियों के इलाज में खर्च कर देते हैं। यदि बचपन से योग को जीवन का हिस्सा बना लिया जाए तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
योग केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन और मस्तिष्क को भी मजबूत बनाता है। विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए योग बेहद आवश्यक है, क्योंकि वे पढ़ाई, परीक्षा और भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के तनाव से गुजरते हैं। ऐसे में योग उन्हें मानसिक एकाग्रता, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है।
कार्यक्रम में विद्यालय की डायरेक्टर सुषमा जायसवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सीबीएसई ईस्ट जोन योगा चैंपियनशिप की मेजबानी मिलना विद्यालय और पूरे चंदौली जनपद के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आयोजन विद्यार्थियों में योग, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति नई चेतना का संचार करेगा। विद्यालय प्रबंधन समिति की तरफ से मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित करने वालों में विद्यालय के चेयरमैन प्रभात जायसवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश चंद्र भगत, असिस्टेंट डायरेक्टर सिद्धार्थ जायसवाल, एजक्यूटिव डायरेक्टर वेदांत जायसवाल व प्रिंसिपल अनुपमा अग्रवाल प्रमुख रहे।
चार दिवसीय इस प्रतियोगिता में पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों से आए सीबीएसई विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने योग की विभिन्न स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उद्घाटन समारोह में शिक्षा, खेल एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोग, शिक्षक, प्रशिक्षक, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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