हिंदी पत्रकारिता दिवस पर अखार में संगोष्ठी, मजीठिया आयोग लागू करने की मांग
युवा तुर्क, दुबहर/बलिया
हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को मीडिया सेंटर अखार में आयोजित भव्य संगोष्ठी पत्रकारिता के मूल्यों, पत्रकारों के अधिकारों और उनके सम्मान को समर्पित रही। कार्यक्रम में वक्ताओं ने निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सरोकारों और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार रखे। साथ ही पत्रकार हित में मजीठिया आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई।
मुख्य अतिथि पूर्व ब्लॉक प्रमुख दिनेश पाठक ने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है। यदि पत्रकार अपनी लेखनी में निष्पक्षता के साथ सेवा भाव को शामिल करें तो वे समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों और विकृतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों के समक्ष अनेक चुनौतियां हैं, लेकिन इसके बावजूद पत्रकारिता के मूल्यों को जीवित रखने वाले पत्रकार सम्मान के पात्र हैं।
विशिष्ट अतिथि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश तिवारी ने पत्रकारों की सुरक्षा और उनके उचित पारिश्रमिक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकारों को पत्रकारों के हितों के प्रति गंभीर होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने पर पत्रकार अधिक प्रभावी ढंग से जनहित के मुद्दों को उठा सकेंगे।
प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव पुष्पेंद्र तिवारी ने पत्रकारों के अधिकारों की चर्चा करते हुए सरकार से मजीठिया आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की।
वहीं एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए पत्रकारों से समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ पत्रकार कृष्णकांत पाठक ने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र संघर्ष और चुनौतियों से भरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में बढ़ता व्यावसायिक हस्तक्षेप इसके मूल स्वरूप के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, जिससे निष्पक्ष पत्रकारिता प्रभावित हो रही है।
इस अवसर पर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे पत्रकारों एवं अतिथियों को अंगवस्त्र, डायरी और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन रणजीत सिंह ने किया।
संगोष्ठी में प्रमुख रूप से दिग्विजय सिंह, गणेश जी सिंह, नरेंद्र मिश्रा, विवेक सिंह, श्रवण पांडेय, राजीव चतुर्वेदी, नितेश पाठक, सुनील दुबे, आतिश उपाध्याय, धनंजय तिवारी, अजय पांडेय, भानु सिंह, संतोष तिवारी, नागेंद्र तिवारी, अन्नपूर्णानंद तिवारी, संदीप गुप्ता, चिरंतन गुप्ता, त्र्यंबक पांडेय, पन्नालाल गुप्ता, अख्तर अली, पवन गुप्ता, रवीश सिंह, धीरज यादव, बच्चन जी प्रसाद, रामजी गिरी, शंकर चौरसिया, पंचदेव दुबे, विश्वनाथ पांडेय, राधाकृष्ण पाठक, डॉ. सुरेश चंद्र, प्रधान विनोद पासवान, विनोद भारती, श्रीभगवान चौधरी, गंगासागर राम एवं संजय जायसवाल सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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