15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में होगी पहल
युवा तुर्क, पटना
पटना के होटल मौर्या में आयोजित ‘महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी कार्यशाला का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। भारत सरकार के कोयला एवं खान मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का उपयोग जनता के कल्याण तथा बिहार के विकास में होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अक्टूबर से राज्य में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। 30 सितंबर के पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉकों का आवंटन पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में 44 में से 28 कोल ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ा है और आगामी 9 महीनों में पूरी प्रक्रिया को संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान पहुंचाए बिना प्रदेश में विकास कार्य किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत तथा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के सपने को साकार करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बिहार का बजट अब 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये हो चुका है और राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए पत्थरों व अन्य खनिजों की जरूरत पड़ती है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में संसाधन की कमी नहीं है। संसाधनों का भरपूर उपयोग करते हुये जनता के हित में इसे गति देनी है। रोहतास में लाइम स्टोन, औरंगाबाद में मिनिरल बेल्ट का बड़ा रिसोर्स है, जहानाबाद तथा जमुई में मैग्नेट, गया, बांका एवं भागलपुर में भी मिनिरल्स का बड़ा रिसोर्स है, इन सभी का सदुपयोग करना है।
कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे, खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ० प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह, कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक आशीष सक्सेना सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।




