रायबरेली की ‘दिशा’ बैठक: विकास, विवाद और जवाबदेही की कसौटी
युवा तुर्क, रायबरेली
वैसे तो रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और रायबरेली से ही आने वाले प्रदेश के कद्दावर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच राजनीतिक टकराव कोई नया नहीं है। आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर दिनेश प्रताप सिंह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को घेरने की कोशिश करते रहते हैं। सोमवार को रायबरेली में आयोजित जिला विकास एवं समन्वय समिति (दिशा) की बैठक के दौरान एक बार फिर नेताओं के बीच विकास को लेकर राजनीतिक तकरार दिखी। बैठक की अध्यक्षता अमेठी सांसद किशोरी लाल शर्मा ने की, जिसमें विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक का सबसे बड़ा विवाद सिंचाई विभाग की ओर से पेश की गई गलत रिपोर्ट को लेकर सामने आया। जब सदन में तथ्यों की पड़ताल हुई, तो रिपोर्ट में खामियां उजागर हो गईं। इस पर न सिर्फ अधिकारियों को फटकार लगी, बल्कि उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगनी पड़ी।
यह घटना प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के सवाल को फिर से केंद्र में ले आई। सांसद शर्मा ने भी इस पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि गलत अनुपालन आख्या किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

इसी क्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास सतीश प्रसाद मिश्रा पर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व की बैठक में भी इस अधिकारी पर कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मंत्री का यह रुख साफ संकेत देता है कि अब लापरवाही पर सख्ती बढ़ाई जाएगी।
राजनीतिक स्तर पर भी बैठक चर्चा में रही। बीजेपी विधायकों की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठे, जिस पर सांसद किशोरी लाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि दिशा की बैठक किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों के समाधान का मंच है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।
वहीं, मंत्री दिनेश सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं है कि रेलवे से जुड़े मामलों में पत्र रेल मंत्री को लिखा जाना चाहिए या डीआरएम को। इस बयान पर पलटवार करते हुए सांसद केएल शर्मा ने कहा कि मंत्री को तथ्यों के साथ तैयारी करके आना चाहिए, जिससे बैठक का स्तर बेहतर बना रहे।
बैठक के बाद हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी ने जिला पंचायत के तहत बनने वाली सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सड़कें या तो बन नहीं रही हैं या बेहद खराब गुणवत्ता की हैं। उन्होंने यह मुद्दा जनता के बीच और विधानसभा में उठाने की बात कही, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
पढ़ते रहिए युवा तुर्क: दिल्ली के मावलंंकर हाल में आयोजित होगा चंद्रशेखर जन्मशती समारोह


यह मशीन उद्योग जगत के लिए गेम चेंजर साबित होगी- विशाल खेमका, निदेशक, विशाल स्विएटेक

