ताजा ख़बरें, Hindi News, delhi up news , Breaking Hindi News, Hindi Samachar, Latest Hindi News – yuvaaturk.com
उत्तर प्रदेश

दिव्यांग बेटी रागिनी से मिले सीएम योगी, इलाज-शिक्षा के साथ आवास और सड़क का भी भरोसा

रागिनी के घर तक बनेगी सड़क

युवा तुर्क, बलिया

दोनों पैरों से दिव्यांगता के बावजूद स्कूल जाने वाली बलिया की बेटी रागिनी राजभर की तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो उसकी मुश्किलें पूरे प्रदेश के सामने आ गईं। अब उसी रागिनी की जिंदगी बदलने की उम्मीद जगी है। गुरुवार शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रागिनी और उसके माता- पिता से मुलाकात कर उसकी स्थिति जानी और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

मनियर क्षेत्र के दिघेड़ा गांव निवासी देवेंद्र राजभर और बबिता राजभर की बेटी रागिनी छोटी उम्र में हुए हादसे के बाद दोनों पैरों से दिव्यांग हो गई थी। इसके बावजूद उसने पढ़ाई नहीं छोड़ी। स्कूल पहुंचने के लिए वह दोनों हाथों और घुटनों के सहारे कूदते हुए रास्ता तय करती थी। उसकी यही तस्वीर वाला वीडियो कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

वीडियो वायरल होने के बाद रागिनी की परेशानी प्रशासन तक पहुंची। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह समेत कई समाजसेवी और स्वयंसेवी संगठनों के लोग उसके घर पहुंचे और मदद के लिए आगे आए। मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद रागिनी और उसके परिवार को लखनऊ बुलाया गया।

गुरुवार सुबह बांसडीह विधायक केतकी सिंह के प्रतिनिधि विश्राम सिंह, बिटिया रागिनी और उसके माता- पिता को लेकर लखनऊ पहुंचे। शाम को विधायक केतकी सिंह की मौजूदगी में रागिनी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उससे बातचीत कर उसकी पढ़ाई और स्वास्थ्य की स्थिति जानी।

इलाज और शिक्षा की व्यवस्था का भरोसा:

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने रागिनी के बेहतर इलाज की व्यवस्था कराने के साथ उसकी शिक्षा को भी सुचारू रखने का भरोसा दिया। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आवास और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही गई। इसके अलावा गांव में रागिनी के घर तक पहुंचने वाली सड़क के निर्माण का आश्वासन भी दिया गया है।

इससे रागिनी के लिए स्कूल तक पहुंचने की सबसे बड़ी मुश्किलों में से एक दूर होने की उम्मीद है। अब तक जिस रास्ते को तय करने के लिए उसे दिव्यांगता के बावजूद कूद- कूदकर आगे बढ़ना पड़ता था, वहां सड़क बनने से आवागमन आसान हो सकेगा। बांसडीह विधायक केतकी सिंह का कहना है कि उक्त सड़क रागिनी की सड़क के नाम से जानी जाएगी।

वायरल वीडियो ने बदली कहानी:

रागिनी की कहानी इस बात का उदाहरण बनी कि सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर किस तरह प्रशासन और सरकार तक पहुंच सकती है। वीडियो वायरल होने से पहले रागिनी अपने रोजमर्रा के संघर्ष के बीच पढ़ाई कर रही थी। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने उसकी स्थिति का संज्ञान लिया और अब मुख्यमंत्री से सीधे मुलाकात के बाद उसके परिवार को इलाज, शिक्षा, आवास और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की उम्मीद बंधी है।

मुलाकात के दौरान विश्राम सिंह, नीरज दुबे, चुन्नु सिंह, राजेश सिंह, सुनील राय, लोकनाथ पासवान, राकेश चौहान, विमल, दीपू, बबिता राजभर और देवेंद्र राजभर मौजूद रहे।

हॉस्पिटल
DN Surya Hospitals , Belthra Road
बलिया बलिदान दिवस
बलिया बलिदान दिवस

Related posts

जॉब अलर्ट:

Baliram Singh

सशक्त भारत निर्माण के प्रेरणास्रोत हैं चन्द्रशेखर के विचार – यशवंत सिंह

Baliram Singh

सादगी की मिसाल सपा विधायक आलमबदी का निधन

Baliram Singh