घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए रची गई थी साजिश
युवा तुर्क, सिद्धार्थनगर
हत्या के बाद शव नदी में फेंककर ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुहचोरवा घाट हत्याकाण्ड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या में शामिल मृतक की पत्नी व उसके सहित 4 अभियुक्तों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
सिद्धार्थनगर जनपद के थाना इटवा अंतर्गत मुहचोरवा घाट बुढ़ी राप्ती नदी, रामनगर के पास 30 अगस्त की रात को हरिश्चन्द्र पुत्र स्व. रामगुलाम निवासी कपियवा की हत्या कर शव को नदी में फेंकने तथा ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने की घटना के सम्बन्ध में थाना ढेबरुआ पर मामला दर्ज किया गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जनपदीय एसओजी एवं थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित द्वारा मंगलवार को को जनपदीय एसओजी प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय मय टीम एवं थानाध्यक्ष ढेबरुआ चन्द्रकान्त पाण्डेय मय पुलिस टीम द्वारा कस्बा बढ़नी स्थित पचपेड़वा तिराहा पर अपराध एवं अपराधियों के सम्बन्ध में चर्चा/चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा दुधवनिया बुजुर्ग पुल से नहर की तरफ जाने वाले मार्ग पर घेराबंदी कर तीन संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ एवं तलाशी के दौरान अभियुक्तगण द्वारा घटना में अपनी संलिप्तता के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी, जिसके आधार पर मुहचोरवा घाट हत्याकाण्ड की पूरी साजिश का खुलासा हुआ। अभियुक्तगण की निशानदेही पर मुहचोरवा घाट से हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद किया गया। बरामदगी की निशानदेही अभियुक्त अब्दुल्ला एवं इरशाद द्वारा की गयी, जिसे विधिवत सील कर नमूना मोहर तैयार किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि मृतक हरिश्चन्द्र की पत्नी माया देवी पत्नी हरिश्चन्द्र अग्रहरि निवासी ग्राम कपियवा थाना इटवा का अभियुक्त नियाज अहमद पुत्र रौआब अली से अवैध सम्बन्ध था।
अभियुक्त नियाज अहमद द्वारा माया देवी का खर्च भी चलाया जाता था। उनके अनुसार मृतक हरिश्चन्द्र शराब का सेवन करता था तथा शराब के नशे में अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट करता था। इससे परेशान होकर माया देवी अपने पति हरिश्चन्द्र को रास्ते से हटाना चाहती थी तथा पिछले कई महीनों से अभियुक्त नियाज अहमद पर हरिश्चन्द्र की हत्या कराने के लिए दबाव बना रही थी। पूछताछ में यह भी प्रकाश में आया कि माया देवी के लगातार दबाव के चलते अभियुक्त नियाज अहमद द्वारा हरिश्चन्द्र की हत्या कराने की योजना बनायी गयी तथा हत्या के लिए अभियुक्तगण को कुल 1,10,000 (एक लाख दस हजार रुपये) देने की बात बतायी गयी। पूर्व नियोजित योजना के तहत अभियुक्तगण द्वारा हरिश्चन्द्र को मुहचोरवा घाट के पास ले जाया गया, जहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गयी।
हत्या के बाद पुलिस एवं परिजनों को गुमराह करने तथा घटना को दुर्घटना का रूप देने के उद्देश्य से मृतक के शव को बुढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया तथा उसके ई-रिक्शा को नदी की ओर इस प्रकार लटका दिया गया, जिससे घटना प्रथम दृष्टया दुर्घटना प्रतीत हो।
एसपी ने बताया कि हत्या की साजिश में मृतक की पत्नी माया देवी की भूमिका भी प्रकाश में आयी। पूछताछ से प्राप्त तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस द्वारा माया देवी को भी घटना में संलिप्त पाते हुए गिरफ्तार कर लिया गया। इस प्रकार मुहचोरवा घाट हत्याकाण्ड में शामिल कुल 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इरशाद पुत्र मुनीर व नियाज अहमद पुत्र रौआब अली निवासी ग्राम कपिया, अब्दुल्ला पुत्र कमाल अहमद निवासी ग्राम रमवापुर उर्फ विशुनपुर तथा माया देवी पत्नी मृतक (हरिश्चन्द्र अग्रहरि) निवासी ग्राम कपियवा थाना इटवा को गिरफ्तार किया गया है।
