बेल्थरा रोड आगमन पर हुआ सम्मान
युवा तुर्क, बेल्थरा रोड
फुटबॉल के लिए न स्टेडियम, न बेहतर मैदान और न ही पर्याप्त खेल सामग्री। इसके बावजूद सोनाडीह की बेटियों ने डेढ़ बीघा जमीन पर पसीना बहाकर राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल तक का सफर तय किया है। उपविजेता बनकर मंगलवार को बेल्थरा रोड लौटीं इन 10 खिलाड़ियों का लोगों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। खिलाड़ियों की उपलब्धि ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्र में छिपी खेल प्रतिभा और सुविधाओं की कमी को सामने ला दिया है।

अमेठी के डॉ. बीआर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10 से 17 अगस्त तक आयोजित जूनियर प्रदेशीय बालिका फुटबॉल स्टेट चैंपियनशिप में सीयर ब्लॉक के सोनाडीह गांव की सलोनी, सुनैना, नीति, मंजू, आराध्या, संजना, ब्यूटी, संजनी, सुधा और रिया ने हिस्सा लिया।
टीम ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए देवीपाटन मंडल गोंडा को 17-0, मेरठ को 9-1, अयोध्या को 6-0, लखनऊ को 4-0 और आगरा को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में प्रयागराज से 0-2 से हारकर टीम उपविजेता रही।

अपनी जमीन पर तैयार होती हैं खिलाड़ी:
खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने वाले कोच राम प्रकाश यादव के अनुसार सोनाडीह में खेल सुविधाओं का अभाव है। खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए उनकी करीब डेढ़ बीघा जमीन का इस्तेमाल किया जाता है।
कुछ सहयोग और सामाजिक लोगों की मदद से चंदा जुटाकर अभ्यास से लेकर प्रतियोगिताओं की जरूरतें पूरी करने की कोशिश होती है।

उन्होंने बताया कि कई खिलाड़ियों के लिए फुटबॉल के जूते खरीदना भी आसान नहीं है। नियमित अभ्यास के लिए जरूरी पौष्टिक आहार में फल और दूध की व्यवस्था भी कई परिवारों के लिए चुनौती है।
सीमित संसाधनों के बावजूद खिलाड़ी मेहनत कर लगातार बड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही हैं।

इंटरसिटी से लौटते ही हुआ स्वागत:
मंगलवार को इंटरसिटी एक्सप्रेस से बेल्थरा रोड पहुंचने पर खिलाड़ियों का लोगों ने स्वागत किया।
सामाजिक कार्यकर्ता निलेश दीपू, एमके आईटीआई के प्रबंधक असलम राही, सभासद राममनोहर गांधी, अमित जायसवाल, संदीप जायसवाल, मंटू मल्ल, मृत्युंजय गुप्ता, नंदलाल यादव और मंजीत कुमार ने खिलाड़ियों का माल्यार्पण कर उनका उत्साह बढ़ाया।
ग्रामीण क्षेत्र की इन बेटियों के राज्य स्तरीय फाइनल तक पहुंचने से सोनाडीह सहित पूरे सीयर क्षेत्र में खुशी है। खिलाड़ियों की उपलब्धि ने यह भी उम्मीद जगाई है कि यदि उन्हें बेहतर मैदान, खेल सामग्री, प्रशिक्षण और पौष्टिक आहार की सुविधा मिले तो वे आने वाली प्रतियोगिताओं में और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
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