अजय कुशवाहा ने कर दी यह बड़ी मांग, संतों ने भी उठायी आवाज
युवा तुर्क, अयोध्या
राष्ट्रीय लोक मोर्चा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुशवाहा ने अयोध्या पहुंचकर पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कन्दैला गांव में बम और गोली से हुई रामलगन मौर्य की निर्मम हत्या के बाद उनके परिजनों से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय की लड़ाई में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

अजय कुशवाहा ने कहा कि “यह केवल एक व्यक्ति की हत्या का ही मामला नहीं है, बल्कि घटना में बम जैसे विस्फोटक का इस्तेमाल किया जाना इसकी गंभीरता को और बढ़ाता है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मामला है।
प्रदेश सरकार मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी अपराधियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि अपराधियों में कानून का भय कायम हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।”

उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई नामजद अभियुक्त आज भी खुलेआम घूम रहे हैं।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उत्तर प्रदेश पुलिस से मेरी मांग है कि सभी नामजद अभियुक्तों की तत्काल गिरफ्तारी हो, अपराधियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण न मिले और पीड़ित परिवार को सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस जघन्य और भयावह मामले में पुलिस हीलाहवाली न करे। पुलिस द्वारा केवल दो-चार आरोपियों की गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है। मुकदमे में नामजद सभी अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
अजय कुशवाहा ने विशेष रूप से मांग की कि घटना से पहले पीड़ित परिवार को 15 दिन के भीतर खत्म कर देने की धमकी देने वाले आरोपी को भी अविलंब गिरफ्तार किया जाए।
उन्होंने कहा कि जब परिवार को पहले से धमकियां मिल रही थीं, तो उसकी शिकायतों को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
अजय कुशवाहा ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि “इतनी जघन्य घटना के बाद भी यदि पीड़ित परिवार को न्याय के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है, तो यह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है। सरकार और पुलिस-प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवार को न्याय के लिए दर-दर भटकना न पड़े, बल्कि दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई हो।”
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय देना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि पुलिस-प्रशासन का यह संवेदनहीन रवैया जारी रहा, तो उन्हें मजबूर होकर पीड़ित परिवार के न्याय के लिए लोकतांत्रिक संघर्ष का रास्ता चुनना पड़ेगा।
इस दौरान अजय कुशवाहा के साथ सैकड़ों की संख्या में अयोध्या सहित गोरखपुर, बस्ती, संत कबीर नगर और अन्य जिलों के युवा भी पहुंचे थे, जिनमें मुख्य रूप से अयोध्या के कुशवाहा मंदिर के महन्त सनत कुमार दास महाराज , श्री कबीर मठ जिनयनपुर अयोध्या के महन्त उमाशंकर दास महाराज , जितेंद्र मौर्य, पूर्व ग्राम प्रधान अर्जुन मौर्या, भरत मौर्य, पूर्व प्रधान सूर्यपाल मौर्य, इंद्रजीत मौर्य, रंजीत मौर्य, मनीष, आदित्य, संजय सम्राट, रतन मौर्य, बाल किशुन, जयहिंद, गुड्डू, शिवम, आदित्य मौर्यवंशी आदि शामिल थे।




