संविधान के प्रति जागरूकता हेतु निकली जनजागृति रथ यात्रा
युवा तुर्क, बेल्थरारोड/बलिया
संविधान को लेकर होने वाली चर्चाओं को किताब और नारों तक सीमित रखने की बजाय उसे आम लोगों के बीच पढ़ने-समझने का अभियान बनाने की पहल की गई है। भारतीय संयुक्त मोर्चा (BBM) ने नागरिकों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और लोकतांत्रिक शक्तियों की जानकारी देने के लिए जनजागृति रथ यात्रा शुरू की। रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में मोर्चा के संस्थापक सुनील सिन्हा ने कहा कि संविधान की जानकारी प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना अभियान का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने लोगों से संविधान को पढ़ने और उसके प्रावधानों को समझने की अपील की।

सुनील सिन्हा ने कहा कि लोकतंत्र में नागरिक केवल मतदाता नहीं, बल्कि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों की जानकारी होने पर ही लोग अपने जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही मांग सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मोर्चा जनजागृति रथ के माध्यम से गांव-गांव और घर-घर तक संविधान की जानकारी पहुंचाने का प्रयास करेगा।

उन्होंने लोगों से प्रत्येक परिवार में संविधान की प्रति रखने और बच्चों को भी इसे पढ़ाने की अपील की। कहा कि जिस तरह लोग अपने धर्मग्रंथों को खरीदकर पढ़ते हैं, उसी तरह भारत के संविधान को भी घर में रखकर उसका अध्ययन करना चाहिए।
मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष सीमा भारती ने कहा कि देश के कोने-कोने में संविधान पढ़ने और पढ़ाने का मिशन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक आम नागरिकों को अपने अधिकारों की सही जानकारी नहीं होगी, तब तक वे अपने हक के लिए प्रभावी तरीके से आवाज नहीं उठा पाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष फतेहबहादुर यादव ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना शिक्षित समाज और शिक्षित भारत का था।
संविधान, कानून, अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी के लिए समाज में शिक्षा की अलख जगाना जरूरी है। उन्होंने घर-घर तक संवैधानिक शिक्षा पहुंचाने पर जोर दिया।
जनसभा के दौरान मोर्चा के पदाधिकारियों ने राजनीतिक दलों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नागरिकों में संवैधानिक जानकारी की कमी का लाभ उठाकर धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर राजनीति की जाती है। उन्होंने लोगों से अपने मत की शक्ति, संवैधानिक अधिकारों और चुने हुए प्रतिनिधियों की जवाबदेही को समझने की अपील की।


