नाराज लोग चोपन बिजली सब स्टेशन पहुंचे
युवा तुर्क, चोपन/सोनभद्र
प्रदेश में जो जिला सबसे ज्यादा बिजली का उत्पादन करता है, वहीं के निवासियों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। सोनभद्र जनपद के चोपन में बिजली कटौती को लेकर लोगों में इस कदर नाराजगी है कि लोग अब सड़क पर उतर गये हैं।
लगातार बिजली कटौती से परेशान बड़ी संख्या में लोग चोपन बिजली सब स्टेशन पहुंच गये और विभाग के खिलाफ विरोध जताया। लोगों का आरोप है कि रोस्टिंग और फाल्ट के नाम पर घंटों बिजली काटी जा रही है।
खासकर शाम के समय होने वाली कटौती से बच्चों की पढ़ाई और छोटे कारोबार प्रभावित हो रहे हैं। नाराज लोगों ने बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। तस्वीरें चोपन बिजली सब स्टेशन की हैं, जहां बिजली कटौती से परेशान लोगों का आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग सब स्टेशन पहुंचे और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि शाम के पीक आवर में लगातार बिजली कटौती की जा रही है।
शाम करीब 5 से 9 बजे के बीच कई बार रोस्टिंग के चलते घंटों बिजली गुल रहती है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
बिजली कटौती का असर छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों और ठेला कारोबारियों के मुताबिक शाम के समय बिजली नहीं होने से बाजार और आसपास का इलाका अंधेरे में डूब जाता है। इससे ग्राहकों की आवाजाही और कारोबार दोनों प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कभी रोस्टिंग तो कभी फाल्ट के नाम पर बिजली आपूर्ति बाधित होती है। शहरी क्षेत्र में 21 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जाता है, लेकिन उन्हें लगातार और निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है।
नाराज लोगों ने चोपन सब स्टेशन का घेराव कर अवर अभियंता को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। लोगों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।
वहीं, मौके पर पहुंचे अवर अभियंता अनिल कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनीं। उनका कहना है कि मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। बिजली उत्पादन और ओवरलोड के कारण फिलहाल कटौती बढ़ी है और व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे और विभागीय अधिकारियों से लोगों की समस्या का जल्द समाधान कराने की बात कही। फिलहाल सबकी नजर बिजली विभाग के दावों और आने वाले दिनों में आपूर्ति व्यवस्था में होने वाले सुधार पर है।

