भक्ति गीतों से गूंजा सरोवर
गांधी पार्क के रोशा शाह पोखरे में गंगा पार जाने की लीला का मंचन
युवा तुर्क, रसड़ा/बलिया
केवट की निष्काम भक्ति और प्रभु श्रीराम की करुणा का प्रसंग रविवार शाम रसड़ा की ऐतिहासिक रामलीला में जीवंत हो उठा। गांधी पार्क स्थित सरोवर में गंगा पार जाने की लीला के मंचन के दौरान राम-केवट के मार्मिक संवाद ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति गीतों के बीच सरोवर के चारों ओर जुटे दर्शक इस प्रसंग को अपलक निहारते रहे। रामलीला के दूसरे दिन आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

पूर्व परंपरा के अनुसार मेला कमेटी की ओर से गांधी पार्क स्थित रोशा शाह के पोखरे (सरोवर) में भगवान श्रीराम के गंगा पार जाने की लीला का भव्य मंचन किया गया। वनगमन के बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के गंगा तट पर पहुंचने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। यहां भगवान राम और नाविक निषादराज केवट के बीच हुए मार्मिक संवाद ने लोगों का ध्यान खींचा। इसके बाद केवट ने प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण को नाव से गंगा पार कराया। इस दौरान प्रस्तुत केवट गीतों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
लीला का संदेश रहा कि सच्ची भक्ति में धन-दौलत और पद-प्रतिष्ठा से अधिक महत्व श्रद्धा, प्रेम और समर्पण का होता है। सरोवर की चारों ओर बनी सीढ़ियों पर बड़ी संख्या में लोग बैठे और खड़े होकर मंचन देखते रहे।
शोभायात्रा में प्रभु के स्वरूपों की हुई आरती
रामलीला के साथ गांधी पार्क में मेले की रौनक भी बनी रही। खाने-पीने के सामान और खिलौनों की दुकानों पर खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। देर शाम ब्रह्मस्थान से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों की शोभायात्रा निकाली गई। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने रथ पर सवार प्रभु के स्वरूपों की पूजा-अर्चना और आरती कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान रामलीला कमेटी के संरक्षक महामंडलेश्वर कौशलेंद्र गिरि महाराज, अध्यक्ष संतोष जायसवाल, महामंत्री निर्मल पांडेय, अशोक कुमार गुप्ता, अविनाश सोनी, अंजनी कुमार तिवारी, अनिल सोनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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