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किसानों को 60 जिलों में 4 मई को मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति राशि

फसल बीमा

खराब मौसम के कारण प्रभावित फसलों से किसानों को मिलेगी सुरक्षा

युवा तुर्क, लखनऊ

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिकूल मौसम के कारण प्रभावित होने वाली फसलों से किसानों को सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आय स्थिर बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा, सुमिता सिंह ने इस संबंध बताया कि प्रदेश के समस्त जनपदों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और चयनित 60 जनपदों में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना का सफल क्रियान्वयन खरीफ 2016 से बीमा कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है। इसी क्रम में आगामी 04 मई, 2026 को अपराह्न 04 बजे प्रदेश के समस्त जनपदों में माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से खरीफ 2025 एवं रबी 2025-26 की फसल क्षतिपूर्ति धनराशि का वितरण किया जाएगा।

फसल बीमा
किसानों को 4 मई को मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति राशि

आगामी 04 मई को होने वाले वितरण कार्यक्रम के विवरण के अनुसार, खरीफ 2025 मौसम की कुल देय क्षतिपूर्ति 730.04 करोड़ रुपये में से 624.88 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका है और शेष 105.16 करोड़ रुपये का भुगतान इस दिन किया जाएगा। इसी प्रकार रबी 2025-26 मौसम की शेष 17.11 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भी भुगतान किया जाएगा। इस प्रकार 04 मई को कुल 122.28 करोड़ रुपये की राशि लाभान्वित किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी।

बता दें कि 21 फरवरी, 2026 को मुख्यमंत्री जी द्वारा ‘वन-क्लिक’ के माध्यम से खरीफ 2025 की 285.00 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति 2.51 लाख किसानों को वितरित की गई थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अब तक कुल 67.86 लाख किसानों को 5755.68 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जा चुकी है।

यह योजना ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित है, जिसमें खरीफ की प्रमुख फसलें जैसे धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, मूंगफली, सोयाबीन व तिल तथा रबी की फसलों में गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, लाही-सरसों, अलसी व आलू को कवर किया गया है। किसानों के लिए प्रीमियम की दरें बेहद किफायती रखी गई हैं, जिसमें खरीफ फसल हेतु बीमित राशि का 2 प्रतिशत, रबी हेतु 1.5 प्रतिशत और वार्षिक नकदी फसलों के लिए अधिकतम 5 प्रतिशत की दर निर्धारित है। कृषक अंश के अतिरिक्त शेष प्रीमियम की धनराशि का वहन केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा समान रूप से किया जाता है।

पढ़ते रहिए युवा तुर्क: जातीय जनगणना में ओबीसी का हो स्पष्ट उल्लेख

 

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