सीजेएम के आदेश पर पुलिस ने दर्ज किया केस, किशोर की उम्र 20 से 22 वर्ष किए जाने का आरोप
युवा तुर्क, बलिया
किशोर की उम्र तय करने के लिए हुए मेडिकल परीक्षण के बाद जारी प्रमाणपत्र में कथित तौर पर ओवरराइटिंग कर उम्र बदलने के मामले में बलिया के पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोपितों में जिला चिकित्सालय के तत्कालीन तीन डॉक्टर और गड़वार क्षेत्र के सवन गांव निवासी एक व्यक्ति शामिल है। पुलिस ने यह कार्रवाई सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद की है।
मामला वर्ष 2021-22 का है। सवन गांव निवासी जयराम राम के अनुसार, उनके बेटे प्रवीन्द्र कुमार के खिलाफ गांव के ही राकेश कुमार ने वर्ष 2019 में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला किशोर न्याय बोर्ड पहुंचने के बाद बोर्ड ने प्रवीन्द्र की उम्र निर्धारित करने के लिए 20 दिसंबर 2021 को मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया था।
जयराम का आरोप है कि 17 जनवरी 2022 को जिला अस्पताल में चिकित्सकों की टीम ने प्रवीन्द्र का मेडिकल परीक्षण किया। इसके बाद जारी आयु प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 20 वर्ष दर्ज की गई थी। यानी घटना के समय उसकी उम्र 17 वर्ष बताई गई थी। आरोप है कि बाद में किशोर न्याय बोर्ड की पत्रावली में दाखिल मूल प्रमाणपत्र में दर्ज 20 वर्ष की उम्र को कथित तौर पर ओवरराइट कर 22 वर्ष कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जिला अस्पताल के रिकॉर्ड में रखी प्रमाणपत्र की प्रति में भी बदलाव किया गया। उनके मुताबिक, बोर्ड की पत्रावली में मौजूद प्रमाणपत्र और अस्पताल के रिकॉर्ड में रखी प्रति में कथित संशोधन एक-दूसरे से अलग हैं। इसी आधार पर प्रमाणपत्र में छेड़छाड़ और कूटरचना किए जाने का आरोप लगाया गया है।
जयराम राम ने आरोप लगाया कि उनके बेटे का भविष्य प्रभावित करने के उद्देश्य से साजिश के तहत मेडिकल प्रमाणपत्र में बदलाव किया गया। उन्होंने मामले में पहले थाना पुलिस और पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने का दावा किया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली।
सीजेएम कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तत्कालीन रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार सिंह, डॉ. आनंद कुमार सिंह, डॉ. आरडी राम, तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा सवन निवासी राकेश कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब प्रमाणपत्रों के मूल रिकॉर्ड, अस्पताल में सुरक्षित अभिलेख और मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।


