ताजा ख़बरें, Hindi News, delhi up news , Breaking Hindi News, Hindi Samachar, Latest Hindi News – yuvaaturk.com
उत्तर प्रदेश

घर का मुखिया ही निकला मां-बेटी की हत्या का मास्टरमाइंड

पत्नी की मानसिक स्थिति और नेत्रहीन बेटी को लेकर सामाजिक बदनामी का था डर

युवा तुर्क, बलिया

बलिया जनपद के रसड़ा क्षेत्र के मुस्तफाबाद में मां-बेटी की हत्या के बाद पुलिस को अज्ञात हमलावरों की कहानी बताने वाला परिवार का मुखिया ही हत्याकांड का मास्टरमाइंड निकला। जांच में सामने आया कि पत्नी की मानसिक स्थिति और नेत्रहीन बेटी की परिस्थितियों को लेकर 70 वर्षीय रामचीज गुप्ता परेशान थे।

रामचीज गुप्ता ने गांव के ही दो युवकों को साथ लिया और वारदात के बाद खुद ही अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया।

स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार तड़के सिधागरघाट से रामचीज गुप्ता के साथ चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद करने का दावा किया है।

घर में मिला पत्नी का शव, खेत में मिली बेटी

16 सितंबर की रात मुस्तफाबाद गांव में मान्ती देवी और उनकी बेटी गौरी की हत्या कर दी गई थी। अगले दिन रामचीज गुप्ता की तहरीर पर रसड़ा थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। उसने पुलिस को बताया था कि घर पहुंचने पर पत्नी का शव पड़ा मिला, जबकि बेटी गौरी घर से गायब थी। तलाश के दौरान गौरी का शव घर के पास खेत में मिला।

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगाया गया।

घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, पूछताछ और विवेचना के दौरान पुलिस की जांच धीरे- धीरे परिवार के मुखिया तक पहुंची।

पहले अकेले मरने की बात कही, फिर रची हत्या की साजिश:

पुलिस के अनुसार, मान्ती देवी की मानसिक स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं थी। वह कभी-कभी घर से निकल जाती थीं और कई दिनों बाद लौटती थीं। वहीं बेटी गौरी नेत्रहीन थी और उसे दूसरों के घरों में मांगकर भोजन करना पड़ता था।

पुलिस का दावा है कि परिवार की इन परिस्थितियों को लेकर रामचीज सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका से परेशान था।

जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले रामचीज ने मुस्तफाबाद चट्टी पर कथित तौर पर कहा था कि वह या तो पत्नी और बेटी को जान से मार देगा या खुद मर जाएगा। इसके बाद उसने गांव के चंदन यादव और दिनेश गुप्ता से अपनी स्थिति बताते हुए दोनों को हत्या की योजना में शामिल करने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में दोनों तैयार नहीं हुए, लेकिन 16 सितंबर को वे उसकी योजना में शामिल हो गए।

हत्या के बाद खुद साफ किया खून, फिर सुनाई दूसरी कहानी:

पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की शाम करीब सात बजे तीनों ने मिलकर मान्ती देवी और गौरी की हत्या कर दी। इसके बाद गौरी के शव को घर के पास खेत में रख दिया गया। रामचीज ने घर में फैले खून को साफ किया और बाद में गांव में यह बात फैलाने लगा कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के बाद रामचीज समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुस्तफाबाद निवासी रामचीज गुप्ता (70), चंदन यादव (32) और दिनेश गुप्ता (35) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया।

हॉस्पिटल
DN Surya Hospitals , Belthra Road
Dr Anil Gangwar
डॉ अनिल गंगवार, गस्ट्रोलॉजिस्ट

Related posts

सिंचाई विभाग में बड़ा घोटाला! लगभग 16 करोड़ के फर्जी एरियर भुगतान का पर्दाफाश

Baliram Singh

झांसी के गबूले पटेल लाल चौक से कन्याकुमारी तक तिरंगा लहराएंगे

Baliram Singh

68500 शिक्षक भर्ती: ओबीसी अभ्यर्थियों ने मंत्री अनिल राजभर से की मुलाकात  

Baliram Singh