20 हजार स्कूल बंद करके 20 हजार से अधिक शराब की दुकानें खोली गईं
युवा तुर्क, जलेसर (एटा)
आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने योगी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार बहुजन समाज के बच्चों को अधिकारी नहीं, नशेड़ी बनाना चाहती है। सांसद आजाद 29 अक्टूबर को विधानसभा जलेसर, जनपद एटा में पार्टी के प्रभारी प्रत्याशी प्रवेंद्र कुमार के समर्थन में आयोजित विशाल कार्यकर्ता बूथ सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की नीतियों, शिक्षा व्यवस्था, आरक्षण, कानून-व्यवस्था, रोजगार, औद्योगिक विकास और बहुजन समाज के अधिकारों को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए।

चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि विधानसभा में बहुजन समाज पर हो रहे अत्याचार, अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व जरूरी है।
शिक्षा व्यवस्था और शराब की दुकानों को लेकर सरकार पर निशाना:
चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि सरकार ने 20 हजार से अधिक स्कूलों को कंपोजिट विद्यालय बनाने के नाम पर बंद करने की दिशा में कदम उठाए, जबकि दूसरी ओर शराब की दुकानों की बढ़ती संख्या पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गरीब और बहुजन समाज के बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर देने के बजाय ऐसी नीतियां अपनाई जा रही हैं, जिनसे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य बहुजन समाज के बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बाबू, चपरासी, अधिकारी और जिम्मेदार संवैधानिक पदों तक पहुंचाना है, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें। सरकार को शिक्षा, रोजगार और युवाओं के भविष्य पर जवाब देना चाहिए।
जलेसर कस्बे की बदहाली का मुद्दा उठाया:
चंद्रशेखर आज़ाद ने जलेसर कस्बे की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जलेसर ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कस्बा होने के बावजूद आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। सड़क, जल निकासी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और व्यापार से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि जलेसर के विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बननी चाहिए। कस्बे में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, कारीगरों और छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। जलेसर के युवाओं को रोजगार और क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
बैकलॉग भर्ती और युवाओं को रोजगार देने की मांग:
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े बैकलॉग के पदों को तत्काल भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित पदों को खाली रखना सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी सहित सभी वंचित वर्गों के युवाओं को संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के अनुसार रोजगार में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। सरकार को बैकलॉग के सभी रिक्त पदों की विभागवार समीक्षा कर विशेष भर्ती अभियान चलाकर पदों को भरना चाहिए।
छात्रवृत्ति और आरक्षण के मुद्दे पर सपा-भाजपा को घेरा:
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने वर्ष 2012 से 2017 तक की तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने ओबीसी समाज के कक्षा एक से आठ तक के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना बंद करने को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही, पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर पिछड़े, दलितों और आदिवासियों के हितों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया।
एक मौका आजाद समाज पार्टी को भी दें:
चंद्रशेखर आज़ाद ने बहुजन समाज से अपील करते हुए कहा, “एक मौका आज़ाद समाज पार्टी और भीम आर्मी को दीजिए। हम बहुजन स्वराज स्थापित करने के लिए संघर्ष करेंगे और समाज के वंचित वर्गों को उनके हक, अधिकार और सम्मान दिलाने का काम करेंगे।”
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26 नवंबर को लखनऊ में ‘बहुजन स्वराज संकल्प महारैली’ का दिया आमंत्रण:
सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने घोषणा की कि संविधान दिवस, 26 नवंबर के अवसर पर लखनऊ स्थित माता रमाबाई अंबेडकर मैदान में बहुजन स्वराज संकल्प महारैली आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर चंद्रशेखर आज़ाद ने 1857 की क्रांति के योद्धा बल्लू मेहतर और चेतराम जाटव की वीरता और संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में बहुजन समाज के अनेक वीर योद्धाओं ने अपना जीवन और सर्वस्व न्योछावर किया, लेकिन इतिहास में उनके योगदान को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे।

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