कोतवाली पुलिस टीम को बेहतर कार्य के लिए 10 हजार रुपये का इनाम
नदीम अहमद, मऊ
दुष्कर्म के मामले में जमानत पर बाहर चल रहे एक सिपाही द्वारा खुद को बचाने और पीड़िता के पिता को झूठे केस में फंसाने की साजिश का मऊ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस आपराधिक षड्यंत्र में शामिल आरोपी आरक्षी (सिपाही) समेत दो महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है।

शनिवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक (एसपी) सर्वेश कुमार मिश्रा ने पूरे मामले की जानकारी दी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान आरक्षी विशाल भारती (निवासी अयोध्या, वर्तमान तैनाती पुलिस लाइन मऊ), सकीना खातून, निसार अहमद और जोया उर्फ गुल निहार के रूप में हुई है।
साजिश का ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, सिपाही विशाल भारती के खिलाफ वर्ष 2023 में मोहम्मदाबाद थाने में एक युवती द्वारा दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें वह करीब 7 महीने जेल में भी रहा था। इस मामले की जिरह वर्तमान में मऊ कोर्ट में चल रही है। सजा के डर से सिपाही विशाल भारती ने पीड़िता के पिता मो. इमरान अहमद पर नाजायज दबाव बनाने के लिए एक गहरी साजिश रची।
सिपाही ने सकीना खातून नाम की महिला को मो. इमरान के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए तैयार किया। इस साजिश में सकीना का प्रेमी निसार अहमद और उसकी महिला मित्र जोया भी शामिल थीं, जिन्हें पैसों का लालच दिया गया था। योजना के तहत 23 जुलाई 2026 को सकीना खातून द्वारा थाना कोतवाली नगर में मो. इमरान के विरुद्ध दुष्कर्म और धमकी देने का फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया।
सीडीआर और तकनीकी जांच से खुला राज
कोतवाली नगर पुलिस ने जब मामले की विवेचना शुरू की, तो घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। पुलिस टीम ने जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो सामने आया कि कथित पीड़िता सकीना खातून और आरोपी सिपाही विशाल भारती के बीच लगातार बातचीत और पैसों के लेनदेन के संबंध थे। कड़ाई से पूछताछ में पूरा षड्यंत्र उजागर हो गया।
पुलिस टीम को नकद पुरस्कार
शनिवार की सुबह करीब 05:30 बजे कोतवाली पुलिस ने सोनीधापा मैदान के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले का सफल अनावरण करने वाली कोतवाली नगर पुलिस टीम की सराहना करते हुए एसपी सर्वेश कुमार मिश्रा ने टीम को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।


