वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत सपाइयों ने निकाला मार्च, धर्मेंद्र यादव ने सीईसी पर साधा निशाना
विवेक कुमार गुप्ता , आजमगढ़
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित कुंवर सिंह उद्यान में पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत शक्ति प्रदर्शन किया। वोट बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत सुबह 11 बजे से ही जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कार्यकर्ताओं का पहुंचना शुरू हो गया। कुछ ही देर में पूरा उद्यान सपाइयों से भर गया। इसके बाद हजारों कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और महापुरुषों के चित्र लेकर मार्च में शामिल हुए। इस दौरान ‘ज्ञानेश कुमार हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’, ‘भाजपा हटाओ, संविधान बचाओ’ और ‘अखिलेश यादव जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए।

पार्टी नेताओं और विधायकों के नेतृत्व में निकला मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए महापुरुषों की प्रतिमाओं तक पहुंचा। कार्यकर्ताओं के हाथों में बाबा साहब डा. भीमराव आंबेडकर, डा. राममनोहर लोहिया, नेताजी मुलायम सिंह यादव, मान्यवर कांशीराम और अखिलेश यादव के चित्र वाली तख्तियां थीं। कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन भी सतर्क रहा।

मार्च का नेतृत्व जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज, एमएलसी बलराम यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, एमएलसी शाह आलम गुड्डू जमाली समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किया। विधायक डा. संग्राम यादव, नफीस अहमद, अखिलेश यादव, डा. एचएन सिंह पटेल, बेचई सरोज, कमला कांत राजभर, पूजा सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष विजय यादव, पूर्व सांसद नंद किशोर यादव, पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

धर्मेंद्र यादव ने सीईसी पर लगाए आरोप:
मार्च के दौरान सांसद धर्मेंद्र यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, राहुल सांकृत्यायन, विश्राम राय और अंत में संविधान निर्माता डा. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के माध्यम से मनमाने तरीके से लोगों के वोट काट रही है। उन्होंने कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 326 में दिए गए वयस्क मताधिकार के प्रावधानों के विपरीत है। उनके अनुसार मतदाता सूची में नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
सांसद ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में लोकतंत्र को बचाने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। पार्टी का यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन है।
फ्रंटल संगठनों ने फूंका पुतला:
कार्यक्रम के दौरान समाजवादी पार्टी के फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध जताया। पुतला दहन करने वालों में दुर्गेश यादव, कुणाल मौर्य, सूरज राजभर, जोरार खान, प्रदीप यादव और आनंद यादव आदि शामिल रहे।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। उनका कहना था कि पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में नहीं हटने चाहिए। इसी मांग को लेकर पार्टी की ओर से लगातार विरोध कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष ने पढ़ा अनुच्छेद 326
कार्यक्रम के समापन से पहले सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने संविधान के अनुच्छेद 326 को पढ़कर सुनाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को वयस्क मताधिकार के महत्व की जानकारी दी।
मार्च में अजीत कुमार राव, जयराम सिंह पटेल, डा. हरिराम सिंह यादव, हरिश्चंद्र यादव, सोमनाथ यादव, डा. धनराज यादव, वर्मन यादव, अशोक यादव भोला, राम आसरे चौहान, वसीमुद्दीन शेख, जगदीश यादव, राज नारायण यादव, संतोष कुमार गौतम, पप्पू कुमार यादव, सुशील आनंद, वीरू यादव, शिवम गोंड मेहरा, हंसराज, सुरेंद्र यादव, अशोक चौहान, श्रीराम यादव, सीताराम कांदू, विकास प्रजापति, बबीता चौहान, लल्लन चौहान, मेराज अहमद, वीरेंद्र यादव, तारीख फैसल, श्यामदेव चौहान, बालचंद कुशवाहा, गुलाब राजभर, शिवसागर यादव, मनोज यादव, प्रदीप यादव, सिंगारी गौतम, गुड्डी देवी, सना परवीन, शबनम खातून और वेद प्रकाश यादव समेत बड़ी संख्या में सपा नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



