युवा तुर्क, लखनऊ
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रामगोविंद चौधरी नहीं रहे। पिछले कुछ समय से वह बीमार चल रहे थे। वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके थे। राम गोविंद चौधरी लखनऊ स्थित PGI में भर्ती थे, जहां उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर से बलिया समेत पूर्वांचल के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई।

राम गोविंद चौधरी लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे और बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट से कई बार विधायक निर्वाचित हुए। 2017 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी मिली थी। उनकी पहचान समाजवादी विचारधारा के वरिष्ठ नेताओं में रही। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की और बाद में जयप्रकाश नारायण तथा पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ भी काम किया। उन्हें दिवंगत प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का बेहद करीबी माना जाता था। वह मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के साथ समाजवादी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे।

उनके निधन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शोक व्यक्त करते हुए कहा,
“समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद !
ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि !”
सपा विधायक जयप्रकाश अंचल ने कहा,
“उनके निधन से सार्वजनिक जीवन एवं समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।“

