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उत्तर प्रदेश

शिक्षा- रोजगार के सवाल पर आजमगढ़ पहुंची जेन जी महाजुटान यात्रा

जनसभा में उठी शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार की समस्या, सरकारी संस्थानों को बचाने का आह्वान

विवेक कुमार गुप्ता, आजमगढ़

शिक्षा और रोजगार के सवाल को लेकर उत्तर प्रदेश में निकाली जा रही जेन जी ( GenZ) महाजुटान यात्रा रविवार को आजमगढ़ पहुंची। इलाहाबाद और बनारस के बाद यात्रा नेहरू हाल पहुंची, जहां आइसा (AISA) की ओर से जनसभा आयोजित की गई। सभा में छात्रों, युवाओं के साथ नागरिक समाज के लोगों ने भी भाग लिया।

वक्ताओं ने शिक्षा के निजीकरण, सरकारी संस्थानों में शिक्षकों के रिक्त पद और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर आवाज बुलंद की। आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा ने कहा कि यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के जरिये शिक्षा को बाजार के हवाले करने की नीति के खिलाफ छात्रों और युवाओं का जुटान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है, जिससे गरीब, दलित, आदिवासी, मुस्लिम और लड़कियों के लिए शिक्षा के अवसर सीमित हो रहे हैं। उन्होंने स्कूलों को बचाने के साथ प्रत्येक विद्यालय में शिक्षक, प्रयोगशाला और पुस्तकालय की सुविधा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

आइसा के प्रदेश अध्यक्ष कॉमरेड मनीष ने कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लाखों पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार भर्ती नहीं कर रही है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में छात्रसंघों पर प्रतिबंध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों को लोकतांत्रिक मंच मिलने चाहिए, ताकि वे शिक्षा के साथ रोजगार के सवाल को भी मजबूती से उठा सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही संघर्ष के दो महत्वपूर्ण हिस्सों के रूप में देखा जाना चाहिए।

भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता कॉमरेड जय प्रकाश नारायण ने आजमगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी हैं। बनारस में गांधी भवन जैसे संस्थानों पर बुलडोजर चलाए जाने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल कक्षा और परिसर तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से भी जुड़ी है।

आइसा आजमगढ़ के संयोजक कॉमरेड अभिषेक ने स्थानीय शिक्षण संस्थानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजमगढ़ में डीएवी और शिब्ली सहित कई परिसरों में छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विवेक यादव के खिलाफ आरएसएस के विरोध को लेकर दर्ज मुकदमे का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र- युवा शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई को कैंपस से गांव तक ले जाएंगे।

कार्यक्रम के दौरान कोरस के साथी समता, रुनझुन, बंटू और अंकुर ने जनगीत प्रस्तुत किए। संचालन आइसा के प्रदेश सचिव शशांक ने किया। सभा में वसीउद्दीन, रविंद्र नाथ राय, अनिल राय, अशोक राय, फहीम, हेमंत कुमार, कल्पनाथ यादव, विमला यादव, बृजेश राय, वीरेंद्र यादव, राजशेखर यादव, सुदर्शन, रामकृष्ण, रामजीत प्रजापति, मुंशी प्रजापति, रामाश्रय निषाद, अरविंद गौतम और दिनेश यादव समेत अधिवक्ता, पत्रकार, बुद्धिजीवी, छात्र व युवा उपस्थित रहे।

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