अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
युवा तुर्क, लखनऊ
पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशभर के करीब 8 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर दिखा। आम जनता को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। लखनऊ में भी बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने हजरतगंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक के आसपास प्रदर्शन कर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।

बैंक कर्मचारियों ने सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को प्रमुख मुद्दा बताया।
कर्मचारियों का कहना है कि अधिकांश सरकारी कार्यालयों और कई वित्तीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है।
बैंकिंग क्षेत्र में भी इस संबंध में पूर्व में हुए समझौते में सहमति बन चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।

इंसेंटिव व्यवस्था में समानता की मांग:
प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के बीच प्रॉफिट आधारित इंसेंटिव व्यवस्था में समानता की मांग भी उठाई।
उनका कहना है कि Scale-III अधिकारियों के लिए प्रदर्शन और लाभ से जुड़े इंसेंटिव की सीमा 15 प्रतिशत तक है, जबकि Scale-III से ऊपर के अधिकारियों के लिए व्यवस्था अलग है। बैंकर्स इसे असमानता बताते हुए सभी अधिकारियों के लिए पारदर्शी और न्यायसंगत इंसेंटिव प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं।

PSB में भर्ती बढ़ाने पर जोर:
बैंक कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) में कर्मचारियों और अधिकारियों की पर्याप्त भर्ती की मांग भी उठाई।
उनका कहना है कि लगातार बढ़ते बैंकिंग काम और ग्राहकों की संख्या के मुकाबले स्टाफ की कमी से कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। पर्याप्त भर्ती होने से कर्मचारियों का कार्यभार कम होगा और ग्राहकों को बेहतर एवं समयबद्ध बैंकिंग सेवाएं मिल सकेंगी।
मांगें नहीं मानीं तो बढ़ेगा आंदोलन
बैंकर्स ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सितंबर के अंत तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 28, 29 और 30 सितंबर को लगातार तीन दिन राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी।
इसके बाद भी समाधान नहीं निकला तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लिया जा सकता है।
बैंक कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान उन्हें हड़ताल वाले दिन का वेतन नहीं मिलता। यानी ‘नो वर्क, नो पे’ के तहत बैंकर्स हड़ताल के दिनों का वेतन छोड़कर अपनी मांगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें किसी एक बैंक या संगठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में बेहतर कार्य परिस्थितियों, पर्याप्त स्टाफ, समानता और न्यायसंगत सेवा शर्तों से जुड़ी हैं। लखनऊ के हजरतगंज में हुआ प्रदर्शन इसी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की कड़ी रहा।



