पिछड़े व गरीब दलित समाज के मुक्त आवाज थे लोहिया जी- विजय लाल श्रीवास्तव
युवा तुर्क, लखनऊ
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय सचिव विजय कुमार लाल श्रीवास्तव ने अपने एक बयान में केंद्र की एनडीए सरकार से देश के महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी समाजवादी नेता चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया जी को भारत रत्न दिए जाने की मांग की है।
विजय श्रीवास्तव ने कहा डॉ लोहिया ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी अगुवाई में आजादी की लड़ाई लड़ी। वह सच्चे गांधीवादी राजनेता थे। देश को बनाने और संवारने के लिए उन्होंने ‘सप्त क्रांति’ का नारा दिया। उनकी विदेश नीति गुट निरपेक्षता थी। गुट निरपेक्षता नीति से ही गांधी जी की सत्य अहिंसा की विचारधारा को संपूर्ण मानव में पहुंचाया जा सकता है। दुनिया में अमन चैन लाया जा सकता है। डॉ लोहिया लोकनायक जेपी के समान नागरिक स्वतंत्रता के हामी थे। देश में समाजवादी पार्टी बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। वह पिछड़े और गरीब दलित समाज के मुक्त आवाज थे।
विजय लाल श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ लोहिया का नारा था “दाम बाधो, काम दो।
पिछड़े पाओ सौ में साठ।“
विजय श्रीवास्तव ने कहा कि समाजवादी राजनेता किशन पटनायक, मधु लिमए, जार्ज साहब, कर्पूरी ठाकुर, राजनरायन जी, कपिलदेव सिंह पूर्व सांसद, धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव, शरद यादव, राम विलास पासवान जैसे वरिष्ठ नेता उन्हें अपना नेता मानते थे।

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