आलू किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी एवं आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ के निदेशक ने शासन को पत्र भेजकर उठाई मांग
किसानों के हित में ठोस नीति बनाने की अपील
युवा तुर्क, फर्रुखाबाद
आलू किसानों की समस्याओं को लेकर आलू किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी एवं आलू विकास एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड, उत्तर प्रदेश के निदेशक अशोक कटियार ने शासन को पत्र भेजकर आलू को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा संकट से जूझ रहे किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से आलू किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर प्रभावी कदम उठाने की अपील की है।

अशोक कटियार ने अपने पत्र में आलू उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति और उनकी उपज के उचित मूल्य से जुड़े मुद्दों को उठाया है। उन्होंने कहा कि आलू की खेती में किसानों को बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई, मजदूरी, खुदाई, भंडारण और परिवहन पर बड़ी धनराशि खर्च करनी पड़ती है। इसके बावजूद जब किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आलू किसानों की मेहनत और लागत को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके।
किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिए तत्काल राहत देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचाने के लिए दीर्घकालिक नीति तैयार करना भी आवश्यक है।
आलू किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग:
अशोक कटियार ने शासन से मांग की कि आलू किसानों की मौजूदा समस्याओं का आकलन कर उन्हें राहत देने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।
आलू को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए तथा किसानों को हुए नुकसान के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय और उनकी आजीविका का संरक्षण कृषि व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आलू उत्पादक किसानों को उचित मूल्य, आर्थिक सुरक्षा और विपणन की बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार को ऐसी ठोस नीति बनानी चाहिए, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशान न होना पड़े और उन्हें लागत के अनुरूप लाभ मिल सके।
किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जरूरी:
अशोक कटियार ने कहा कि आलू किसानों की समस्याओं का समाधान केवल तात्कालिक सहायता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए उत्पादन लागत, बाजार भाव, भंडारण क्षमता और विपणन व्यवस्था जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने शासन से किसानों के हित में समयबद्ध निर्णय लेने और आलू उत्पादकों को राहत पहुंचाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत का सम्मान तभी सुनिश्चित होगा, जब उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और प्राकृतिक अथवा बाजार संबंधी संकट की परिस्थितियों में उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रमुख मांगें:
आलू को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए।
प्रभावित आलू किसानों को तत्काल आर्थिक राहत प्रदान की जाए।
आलू किसानों को उनकी उपज का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।
भंडारण और विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
आलू उत्पादक किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
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