सहायक कमांडेंट ने थाना और घर पहुंचकर ली घटना की जानकारी
युवा तुर्क, बेल्थरारोड
बलिया जनपद के बेल्थरारोड क्षेत्र के दोथ (सोनाडीह) गांव में पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद उनके परिवार के साथ सीआरपीएफ खड़ी है। उनके परिवार को विभागीय स्तर पर हरसंभव सहयोग दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। रविवार को सीआरपीएफ 95 बटालियन वाराणसी के सहायक कमांडेंट रंजन सिंह ने उभांव थाना पहुंचकर पुलिस से घटना और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद वह मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उनकी स्थिति व समस्याओं को जाना। उन्होंने भरोसा दिया कि परिवार की स्थिति की रिपोर्ट महानिदेशालय को भेजी जाएगी और नियमानुसार जो भी सहायता संभव होगी, उसे दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

सहायक कमांडेंट रंजन सिंह ने बताया कि इस घटना का संज्ञान सीआरपीएफ महानिदेशालय ने लिया है। मामले की महानिदेशालय और सेक्टर स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
स्थानीय पुलिस व प्रशासन से भी लगातार संपर्क बना हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रकरण में न्यायोचित कार्रवाई हो और सभी संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।
परिवार से बातचीत के दौरान सामने आया कि अमरेश बहादुर सिंह की तीन बेटियां हैं। इनमें बड़ी बेटी की शादी तय हो चुकी है। सहायक कमांडेंट ने कहा कि परिवार ने अपनी पीड़ा और परिस्थितियों से अवगत कराया है।
इन सभी बिंदुओं को शामिल करते हुए रिपोर्ट तैयार कर महानिदेशालय भेजी जाएगी। इसके बाद नियमों के तहत मिलने वाले लाभ और सहायता के लिए विभाग परिवार के साथ खड़ा रहेगा।

पुलिस कार्रवाई की भी ली जानकारी:
सहायक कमांडेंट ने उभांव थाना पहुंचकर एसएचओ दिनेश पाठक से घटना के संबंध में जानकारी ली।
उन्होंने अब तक की पुलिस कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि मामले के विवेचक से भी संपर्क में रहकर प्रकरण की प्रगति की जानकारी ली जा रही है।
उभांव इंस्पेक्टर दिनेश पाठक ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई है।
विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। प्रकरण में होने वाली कार्रवाई से सीआरपीएफ अधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा।
महानिदेशालय स्तर पर हो रही निगरानी:
रंजन सिंह ने कहा कि यह प्रकरण केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है। महानिदेशालय और सेक्टर स्तर पर भी इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखते हुए विभाग यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई आगे बढ़े। इस दौरान इंस्पेक्टर कमलेश कुमार यादव, विप्लव तिवारी समेत सीआरपीएफ के अन्य जवान मौजूद रहे।
बता दें कि गुरुवार रात सोनाडीह (दोथ) गांव में दो सगे भाइयों अमरेश बहादुर सिंह और मंजेश सिंह पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया था। दोनों को गंभीर हालत में उपचार के लिए ले जाया गया था। मऊ में इलाज के दौरान पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की मौत हो गई। उनके छोटे भाई मंजेश सिंह का उपचार फिलहाल ट्रामा सेंटर वाराणसी में चल रहा है। पुलिस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब लोगों की निगाहें आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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