पिछले साल भी 45 मिनट तक अधिकारियों का इंतजार करती रहीं मंत्री बेबी रानी मौर्य
युवा तुर्क, एटा
यदि आप एक मंत्री का फोन नहीं उठाते हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा? 17 बार फोन करने पर डीएम अरविंद सिंह द्वारा फोन रिसीव न करने पर नाराज उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने यह बात कही।

दरअसल, दलित समाज से आने वाली बेबी रानी मौर्य उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। वर्तमान में योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। गुरुवार को बेबी रानी मौर्य एक कार्यक्रम में शामिल होने एटा पहुंची थी। वहां पर उन्होंने डीएम अरविंद सिंह को 17 बार फोन किया, लेकिन डीएम ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद नाराज मंत्री ने डीएम का बुके लेने से मना कर दिया। उनकी नाराजगी की वजह से कुछ देर के लिए माहौल असहज हो गया।
इतना ही नहीं, मंत्री बेबी रानी मौर्य ने मंच से भी कहा कि जब एक मंत्री का फोन नहीं उठाते हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा? उन्होंने कहा कि यह नहीं चलेगा, आपको फोन उठाना चाहिए। मैं जनपद की स्थिति की जानकारी के लिए फोन कर रही थी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि आप तो प्रोटोकॉल में हमसे बड़े हैं, इसलिए बात नहीं करेंगे।
एक साल पहले भी जतायी थी नाराजगी:
यह पहली बार नहीं है, इससे पहले भी अधिकारियों की लापरवाही को लेकर मंत्री बेबी रानी मौर्य नाराजगी जता चुकी हैं। पिछले साल आगरा में किसानों की समस्याओं को लेकर बैठक में मंत्री बेबी रानी मौर्य तो पहुंच गई थी, लेकिन अधिकारी नदारद थे। मंत्री को अधिकारियों का 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ा था।
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